भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश का दौर एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी और गुना समेत 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, आलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में लगभग 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
40 KM प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
बारिश के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो पेड़, बिजली के खंभों, होर्डिंग और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।
आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी
बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, खेत और जलस्रोतों के आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी गई है। घर में मौजूद लोग अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के कनेक्शन से अलग रख सकते हैं और खराब मौसम के दौरान बाहर निकलने से बचें।
वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी
तेज बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और दृश्यता भी कम हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को कम गति से वाहन चलाने और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान के दौरान निर्माणाधीन इमारतों, कमजोर ढांचों, बिजली की तारों और बड़े पेड़ों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।
पशुपालक भी रहें सतर्क
खराब मौसम के दौरान पशुपालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आकाशीय बिजली के समय पशुओं को पेड़ के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित शेड में रखना चाहिए। नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों के पास पशुओं को खुला छोड़ने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में पशुओं के लिए सुरक्षित और सूखी जगह की व्यवस्था करना बेहतर रहेगा।
मौसम अपडेट देखकर ही करें यात्रा
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बारिश और आंधी के दौरान सड़क पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति और ताजा चेतावनी जरूर जांच लें।