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Bhopal DEO Notice: स्कूल पहुंच चुके थे बच्चे, फिर जारी हुआ छुट्टी का फरमान; शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

Bhopal DEO Notice: स्कूल पहुंच चुके थे बच्चे, फिर जारी हुआ छुट्टी का फरमान; शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

भोपाल। राजधानी भोपाल में भारी बारिश के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार सुबह जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) की ओर से स्कूल बंद रखने का आदेश काफी देर से जारी होने के कारण कई बच्चे छुट्टी की जानकारी मिलने से पहले ही स्कूल पहुंच चुके थे। इसके बाद अभिभावकों को बारिश के बीच बच्चों को वापस घर लाने के लिए परेशानी उठानी पड़ी। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सुबह करीब 7:52 बजे डिजिटल नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। उस समय तक कई छात्र स्कूल बस, वैन या अभिभावकों के साथ अपने स्कूल पहुंच चुके थे। स्कूल पहुंचने के बाद जब छुट्टी की सूचना मिली तो बच्चों को वापस घर लौटना पड़ा।

आज नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद

भारी बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए भोपाल में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर लागू है। प्रशासन की ओर से लगातार खराब मौसम को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया था। लगातार बारिश के बावजूद छुट्टी का आदेश सुबह देर से सामने आने को लेकर अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।

बच्चों के स्कूल पहुंचने के बाद क्यों आया आदेश?

अभिभावकों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रात से ही बारिश का दौर जारी था और मौसम खराब था, तो स्कूल बंद रखने का निर्णय पहले क्यों नहीं लिया गया। सुबह के समय अधिकांश बच्चे स्कूल के लिए निकल चुके थे। कई विद्यार्थी स्कूल परिसर तक पहुंच गए थे, जिसके बाद छुट्टी का डिजिटल आदेश सामने आया। इस स्थिति के कारण अभिभावकों को दोबारा स्कूल जाना पड़ा। बारिश के बीच बच्चों को वापस घर लाने में उन्हें काफी परेशानी हुई।

DEO की कार्यशैली पर उठे सवाल

छुट्टी का आदेश जारी होने में हुई देरी के बाद जिला शिक्षा कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन को रात में ही स्कूल बंद रखने का निर्णय स्पष्ट कर देना चाहिए था, ताकि बच्चों और उनके माता-पिता को सुबह परेशानी का सामना न करना पड़े। एक अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि स्कूल बंद रखने का फैसला लिया जाना था, तो बच्चों के स्कूल पहुंचने के बाद आदेश जारी करने का क्या औचित्य है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति से बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की परेशानी दोनों बढ़ती हैं।

सोशल मीडिया पर भी नाराजगी

स्कूल छुट्टी का आदेश देर से जारी होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। अभिभावक शिक्षा विभाग से मौसम की स्थिति को देखते हुए समय पर निर्णय लेने और छुट्टी से संबंधित आदेश पहले जारी करने की मांग कर रहे हैं। बारिश के दौरान स्कूल खुलने या बंद होने की जानकारी समय पर मिलने से बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से रोका जा सकता है। यही वजह है कि अभिभावक भविष्य में ऐसे मामलों में प्रशासन से बेहतर समन्वय की उम्मीद कर रहे हैं।


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