भोपाल। राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने मंगलवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में छात्रों और युवाओं के समर्थन में निकाले गए मार्च के दौरान हुई कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारीके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
देर रात नेताओं को मिली रिहाई
पुलिस ने जीतू पटवारी सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। देर रात सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस बीच कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने भी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत हैं। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं के मुद्दों का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लगातार लड़ती रहेगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।