MP Budget 2026 : मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है और सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा इस बार का बजट प्रस्तुत करेंगे, जिसे सरकार जनहित पर केंद्रित और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज बता रही है।
चार वर्गो को प्राथमिकता
बजट से पहले वित्त मंत्री ने संकेत दिए कि इस बार प्राथमिकता चार प्रमुख वर्गों, महिला, युवा, किसान और गरीब को दी जाएगी। उनका कहना है कि सरकार ने बजट निर्माण में जनता से प्राप्त सुझावों को भी शामिल किया है। पिछले वर्ष को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया गया था, जबकि इस वर्ष ‘किसान कल्याण’ को केंद्रीय विषय बनाया गया है, ताकि कृषि क्षेत्र को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
विधानसभा पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दीं। वहीं जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने विपक्ष के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट सर्वसमावेशी होगा और सभी वर्गों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखेगा।
4.70 लाख करोड़ का संभावित बजट
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर सकती है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 12 से 15 प्रतिशत अधिक हो सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य का बजट 4.21 लाख करोड़ रुपये था। सरकार ने वर्ष 2028 तक बजट को 7.28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
तीन साल की विकास रूपरेखा
इस बार के बजट के साथ सरकार आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी सामने रख सकती है। इसमें कृषि क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने के लिए विशेष प्रावधान होने की संभावना है। साथ ही सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए भी वित्तीय तैयारी की जा सकती है।
राज्य का पहला पेपरलेस बजट
इस बार का बजट तकनीकी रूप से भी खास रहेगा। यह मध्य प्रदेश का पहला ‘पेपरलेस’ बजट होगा। वित्त मंत्री पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह टैबलेट के माध्यम से बजट दस्तावेज पेश करेंगे, जिससे डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
1956 में पेश हुआ था बजट
मध्य प्रदेश के गठन के एक महीने बाद 19 दिसंबर 1956 को राज्य का पहला बजट पेश किया गया था। उस समय के वित्त मंत्री भगवंत राव अन्नाभाऊ मंडलोई ने बजट प्रस्तुत किया था। उस दौर में वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। कुल मिलाकर, इस बार का बजट न केवल आगामी वर्ष की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी सामने रखेगा।