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मोदी सरकार की हाईलेवल मीटिंग आज, सुधारों और सुशासन के एजेंडे पर कई महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद

मोदी सरकार की हाईलेवल मीटिंग आज, सुधारों और सुशासन के एजेंडे पर कई महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कामकाज, प्रशासनिक सुधारों और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिव शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों की उपलब्धियों, चल रही योजनाओं और सुधारों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सचिव अपने-अपने विभागों द्वारा किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी देंगे।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में आज की बैठक में प्रशासनिक सुधारों, बेहतर सेवा वितरण और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं को और सरल बनाने, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी मंथन किया जा सकता है।

ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर चर्चा संभव

सरकारी सूत्रों का मानना है कि बैठक में ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने के लिए किए गए सुधारों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने वाले कदमों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री सचिवों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दे सकते हैं कि जनता से जुड़ी योजनाओं और परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीके से लोगों तक पहुंचें।

आर्थिक विकास और सुधारों पर भी होगी समीक्षा

हाल के आर्थिक आंकड़ों में भारत की मजबूत वृद्धि दर सामने आई है। वित्त वर्ष 2025-26 और चौथी तिमाही के आर्थिक प्रदर्शन को देखते हुए सरकार अगले चरण के सुधारों पर विशेष ध्यान दे सकती है। माना जा रहा है कि बैठक में आर्थिक विकास, निवेश माहौल और प्रशासनिक दक्षता को लेकर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक आने वाले वर्षों के लिए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और सुधार एजेंडे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


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