डोडा। जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिले डोडा में मौसम ने अचानक खतरनाक रूप धारण कर लिया। जिले के भलेसा और कश्तीगढ़ क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बीच बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बहाव के साथ आए मलबे और पत्थरों ने कृषि भूमि, फलदार बाग-बगीचों और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद होने से दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
जानकारी के मुताबिक भलेसा क्षेत्र के खलजुगासर इलाके में बादल फटने के बाद पहाड़ों से भारी मात्रा में पानी, मिट्टी और पत्थर नीचे की ओर बहकर आए। इससे खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं, जबकि सेब और अन्य फलदार पेड़ों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कुछ ही घंटों में उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। कई खेत मलबे से भर गए हैं, जिससे कृषि कार्य दोबारा शुरू करना भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
अचानक आई बाढ़ का असर ग्रामीण बस्तियों पर भी पड़ा। कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों के भीतर पानी व गाद भर गई। हालात बिगड़ते देख लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने समय रहते अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
कश्तीगढ़ में भी बाढ़ जैसे हालात, सड़क संपर्क हुआ बाधित
डोडा के कश्तीगढ़ क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें मलबे से पट गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। भलेसा के भट्यास इलाके का संपर्क भी कई घंटों तक बाहरी क्षेत्रों से कटा रहा। सड़क मार्ग बाधित होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत की बात मानी जा रही है।
प्रशासन ने शुरू किया राहत एवं बहाली कार्य
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमों को बंद मार्गों को खोलने के लिए लगाया गया है। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़कों पर जमा मलबा हटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है। डोडा में बादल फटने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कृषि और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन तेजी से राहत कार्यों में जुटा है और हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।