दौसा। Delhi-Mumbai Expressway accident: राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कोलवा थाना क्षेत्र में एक निजी स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 13 की हालत गंभीर बनी हुई है।
रात 2:30 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निजी स्लीपर बस उत्तराखंड के ऋषिकेश से मध्य प्रदेश के इंदौर जा रही थी। मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे बस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में पहुंची, तभी वह आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही पलों में बस और ट्रेलर दोनों आग की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई यात्री बस के भीतर ही फंस गए।
चालक को झपकी आने की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और ट्रेलर से जा भिड़ा। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
8 लोगों की मौत, 21 घायल
हादसे में 6 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 अन्य यात्रियों ने गंभीर सिर की चोटों के कारण दम तोड़ दिया। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और उन्हें दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 21 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें 13 की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आग फैलने के कारणों की भी जांच
घटना के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि बस की डिक्की में सिगरेट के पैकेटों से भरे बॉक्स रखे हुए थे, जिससे आग तेजी से फैली हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चार यात्री अब भी लापता
प्रशासन के मुताबिक हादसे के बाद चार यात्रियों का अब तक पता नहीं चल सका है। लापता लोगों की तलाश जारी है और उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
लापता यात्रियों के नाम
निर्मला, निवासी इंदौर
प्रियंका (33), निवासी बड़वाह, मध्य प्रदेश
|भूमि भोर (20), निवासी बजरंग नगर, इंदौर
दीपू (60), निवासी रामपुरा कला, सीहोर
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बस सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था, ड्राइवरों के कार्य घंटे और यात्री सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं। मृतकों की पहचान और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।