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मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी का असर! 49 लाख के इनामी 8 माओवादी मुख्यधारा में लौटे

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी का असर! 49 लाख के इनामी 8 माओवादी मुख्यधारा में लौटे

गणेश मिश्रा- बीजापुर। माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के 8 इनामी नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से झारखंड क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थे। इन सभी पर कुल 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मान रही हैं।

पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने किया सरेंडर

जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बीजापुर पुलिस अधीक्षक और डीआईजी सीआरपीएफ के समक्ष हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

सरेंडर करने वाले सभी नक्सली बीजापुर जिले के रहने वाले हैं। इनमें संगठन के 3 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM) और 4 एरिया कमेटी सदस्य (ACM) सहित कुल 8 सक्रिय सदस्य शामिल हैं।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन नक्सलियों का झारखंड में माओवादी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा दबाव

गौरतलब है कि 28 जुलाई की देर रात सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और अंतिम सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, सुनिर्मल और सागर को गिरफ्तार किया था।

संयुक्त अभियान के तहत धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र में घेराबंदी कर मिसिर बेसरा को पकड़ा गया था। बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद माओवादी संगठन की नेतृत्व क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

नक्सल संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे सदस्य

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और शीर्ष नेताओं पर कार्रवाई के चलते कई माओवादी अब संगठन छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

शांति और विकास अभियान जारी

पुलिस का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान के साथ-साथ विकास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। वहीं सुरक्षा बलों का नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


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