ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बार फिर मीजल्स बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है। शहर के जयारोग्य अस्पताल में हाल ही में आठ बच्चों को भर्ती कराया गया है। जिसमें एक बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्चे को विशेष निगरानी में रखा गया है। तो वही मीजल्स बीमारी के दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
बता दें कि जेएएच में भर्ती 6 बच्चों में से एक साल से कम उम्र के दो बच्चे (इनमें 9 महीने की पॉजिटिव बच्ची शामिल) है। 2 से 5 साल की उम्र के दो बच्चे। 8 और 14 साल की उम्र के दो 2 बच्चे शामिल हैं। जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। यह सभी बच्चे ग्वालियर के शंकरपुर, चंद्रवदनी नाका के अलावा चीनोर, भितरवार, टेकनपुर और धौलपुर जैसे क्षेत्रों से आए हैं। जहां पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान शुरू कर दिया है।
क्या है मीजल्स बीमारी
मीजल्स (Measles) को ‘खसरा’ कहते हैं। यह एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो रूबेला वायरस (Paramyxoviridae परिवार) की वजह से होती है। यह हवा के जरिए से तेजी से फैलती है, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। इससे बचने के लिए सबसे प्रभावी उपाय एमएमआर (MMR) का टीका हैं। यह टीका बच्चों को 9-12 महीने और 16-24 महीने की आयु में दिया जाता है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
- तेज बुखार के साथ लगातार खांसी और जुकाम का होना
- आंखों का अत्यधिक लाल होना और उनसे लगातार पानी आना
- चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर लाल दाने या चकत्ते पड़ना
- मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग के धब्बे दिखना
ये बरतें सावधानियां:
-बच्चों को 9 से 12 माह के बीच खसरे का टीका लगवाएं।
-डेढ़ साल बाद फिर से टीका आवश्यक रूप से लगवाएं।
-बच्चे को दूसरे लोगों से अलग रखें।
-पैष्टिक आहार जरूर दें, क्योंकि इससे कमजोरी भी आती है।
-खांसी से बचाव के लिए रूमाल का प्रयोग करें।
-तुरंत चिकित्सक को दिखाएं और यदि बच्चा छोटा है तो टीका लगवाएं।