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साय कैबिनेट के बड़े फैसले: 125 दिन रोजगार, आजीविका हाट और बायोगैस नीति को मंजूरी

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: 125 दिन रोजगार, आजीविका हाट और बायोगैस नीति को मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार होंगे।

ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी मिशन

कैबिनेट ने ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन’ के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को हर साल 125 दिनों तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के माध्यम से जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

गांवों में स्थापित होंगे आजीविका केंद्र

मंत्रिपरिषद ने ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और सेवा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से हस्तशिल्प, कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

जैविक संसाधनों से तैयार होगी स्वच्छ ऊर्जा

बैठक में ‘छत्तीसगढ़ कंप्रेस्ड बायोगैस नीति-2026’ को भी मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट और नगरीय कचरे जैसे जैविक संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन का उत्पादन करना है। सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

नई योजनाओं के संचालन में डिजिटल तकनीक और आधुनिक निगरानी प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, विकास कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग होगी और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती का आधार

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि रोजगार, स्वरोजगार, कृषि प्रसंस्करण और हरित ऊर्जा से जुड़ी ये पहलें गांवों में आय बढ़ाने और समग्र विकास को गति देने में सहायक साबित होंगी।


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