राकेश कुमार, मैहर : मैहर जिले में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन करने आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी सूचना है। आगामी 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण को देखते हुए, मंदिर की प्राचीन परंपराओं के अनुसार दर्शन व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है।
ग्रहण काल के नियमों का पालन करते हुए 3 मार्च की शाम को गर्भगृह के कपाट दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस संबंध में मंदिर के प्रधान पुजारी पवन महाराज ने सूचना जारी कर श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी का ध्यान रखने की अपील की है।
ऐसा रहेगा 3 और 4 मार्च का शेड्यूल
दर्शनार्थियों की सुविधा और धार्मिक मान्यताओं के चलते मंदिर प्रशासन द्वारा समय-सारणी तय की गई है। 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे माता शारदा की सांध्यकालीन आरती और विशेष पूजन संपन्न किया जाएगा। आरती पूर्ण होने के ठीक बाद, शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी।
ग्रहण समाप्त होने के बाद अगले दिन यानी 4 मार्च को गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा। माता का पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा और विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
दर्शनार्थी रखे समय का विशेष ध्यान
मंदिर प्रबंधन ने साफ तौर पर कहा है कि यह पूरी व्यवस्था ग्रहण काल की धार्मिक परंपराओं के पालन के लिए की गई है। दूर-दराज से प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त मैहर पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय का विशेष ध्यान रखें।
जो भी भक्त 3 मार्च को दर्शन की योजना बना रहे हैं, वे निर्धारित समय शाम 5:30 बजे से पूर्व ही मंदिर परिसर पहुंच जाएं। प्रबंधन ने दर्शनार्थियों से मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया है।