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MP Assembly Update : छात्रा की मौत और कृषि नीति पर जोरदार हंगामा

MP Assembly Update : छात्रा की मौत और कृषि नीति पर जोरदार हंगामा

MP Assembly Update :  मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को दो मुद्दों गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत और कृषि नीति पर तीखी चर्चा हुई। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत का मामला

कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी की मौत का मामला ध्यानाकर्षण में उठाते हुए हत्या की आशंका जताई और सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम परिजन की अनुपस्थिति में किया गया और मामले में गंभीर अनियमितताएं हैं। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

मंत्री जी का जबाव...

इस पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि जांच में पढ़ाई के दबाव के कारण आत्महत्या की आशंका जताई गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम परिजनों की उपस्थिति में हुआ और तीन महिला अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जो तीन माह में जांच पूरी करेगी। मंत्री ने कहा कि फिलहाल सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है, एसआईटी सक्षम है।

सिंघार ने की जांच की मांग

कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए न्यायिक या सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में जातिगत भेदभाव की आशंका भी जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छात्रा मेधावी थी और उसके साथ दुष्कर्म की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जांच की समयसीमा तय करने की मांग की।

2026 को कृषि वर्ष घोषित करने का ऐलान

इसी दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में कृषि पर वक्तव्य देते हुए वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अन्नदाता को ऊर्जादाता और उद्यमी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा तथा मध्य प्रदेश को एग्री एक्सपोर्ट हब बनाने की योजना तैयार की गई है।

मंडियों में लौटी रौनक : सीएम मोहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि भावांतर योजना से मंडियों में रौनक लौटी है। सरसों के रकबे में 28 प्रतिशत वृद्धि हुई है और इसके उपार्जन का भुगतान भी भावांतर योजना के तहत किया जाएगा। तीसरी फसल के रूप में मूंग की जगह उड़द बोने पर 600 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। चना और मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। तुअर, दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन की बात कही गई।

सरकार पर विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार पहले प्रदेश का कर्ज स्पष्ट करे, फिर किसानों की बात करे। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का हवाला देते हुए कहा कि इससे प्रदेश के किसान प्रभावित हो रहे हैं। कपास के दाम 11 प्रतिशत घटने और सोयाबीन किसानों पर संकट की बात भी उठाई।

जवाब की उम्मीद नहीं : सिंघार

इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने टोका और कहा कि मुख्यमंत्री के वक्तव्य पर ऐसे सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए जिनका तत्काल जवाब देना पड़े। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें जवाब की उम्मीद भी नहीं है, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को 12 घंटे बिजली मिले।


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