भोपाल : मध्य प्रदेश में राजसभा की 3 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस - बीजेपी के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बीजेपी ने चुनावी मैदान में जहां 3 उम्मीदवारों को उतारे है। तो वही कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार शाम यानि की आज अपने सरकारी आवास पर विधायक दल को डिनर पर बुलाया है। जहां चुनाव को लेकर आगामी रणनीति तैयारी की जाएगी।
बैठक में लिया जायेगा शिफ्टिंग का फैसला
इस डिनर में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित पार्टी के सभी दिग्गज नेता शामिल होंगे। साथ ही विधायकों की सुरक्षा और क्रॉस वोटिंग के खतरे को देखते हुए उन्हें दूसरे राज्यों (जैसे कांग्रेस शासित या सुरक्षित ठिकानों) में शिफ्ट करने को लेकर फाइनल रणनीति तैयार की जाएगी। जिसका फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा।
एक सीट पर जीत के लिए चाहिए- 58 वोट
बता दें कि विधानसभा में कांग्रेस के पास अपनी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन को जिताने के लिए 64 वोट मौजूद हैं। जबकि एक सीट जीत के लिए 58 वोट चाहिए। इस हिसाब से कांग्रेस के पास 4 वोट ज्यादा है। लेकिन पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं में नटराजन का नाम फाइनल होने के चलते नाराजगी है। ऐसे में चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके लिए विधायकों को अन्य जगहों पर शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।
क्रॉस वोटिंग रोकने का आखिरी हथियार
राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि विधायकों को भोपाल या मध्य प्रदेश में ही खुला छोड़ दिया गया, तो मतदान के दिन यानी 18 जून तक बीजेपी के रणनीतिकार असंतुष्टों में सेंध लगा सकते हैं। इसी 'हॉर्स ट्रेडिंग' और प्रलोभन से अपने विधायकों को दूर रखने के लिए कांग्रेस अब उन्हें दक्षिण भारत के आलीशान रिजॉर्ट में सुरक्षित रखने जा रही है, ताकि वोटिंग के दिन ही उन्हें सीधे विधानसभा लाया जा सके।