लद्दाख: जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में एक महिला पर्यटक और सुरक्षा बलों के बीच कथित बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को करगिल जिले के मिनीमार्ग चेकपॉइंट से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से सड़क को कुछ समय के लिए बंद किया गया था। इसी दौरान महिला पर्यटक जवानों से बहस करती दिखाई दी। वायरल वीडियो में महिला सुरक्षा बलों से नाराजगी जाहिर करते हुए उंगली दिखाकर बहस करती नजर आती है। वह खुद को Gen Z बताते हुए रास्ता बंद किए जाने पर सवाल उठाती है। महिला कथित तौर पर वहां मौजूद यात्रियों से भी नियमों का पालन नहीं करने की अपील करती दिखाई देती है।
‘सेना की सैलरी हमारे टैक्स से आती है’ वाली टिप्पणी पर विवाद
वीडियो में महिला द्वारा कथित तौर पर यह कहा गया कि सेना को सैलरी जनता के टैक्स से मिलती है। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए। कई यूजर्स ने जवाब दिया कि सेना के जवान भी देश के नागरिक हैं और वे भी टैक्स का भुगतान करते हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि टैक्स देना नागरिक अधिकारों और जिम्मेदारियों का हिस्सा है, लेकिन इसका इस्तेमाल सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी या ड्यूटी पर तैनात जवानों से बहस के औचित्य के तौर पर नहीं किया जा सकता।
‘हम Gen Z हैं और यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे’
वायरल वीडियो में महिला कथित तौर पर खुद को Gen Z बताते हुए कहती है कि वह इस तरह की स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उसने सड़क बंद किए जाने को लेकर सुरक्षा बलों पर सवाल उठाए। महिला ने कथित तौर पर कश्मीरियों और पर्यटकों के साथ अलग-अलग व्यवहार किए जाने की बात भी कही। हालांकि, वायरल वीडियो के संदर्भ और उसमें किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
सैन्य मूवमेंट और सुरक्षा कारणों से बंद था रास्ता
रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, मिनीमार्ग चेकपॉइंट पर सड़क को सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए बंद किया गया था। खराब मौसम और सैन्य गतिविधियों को भी इसके पीछे की वजह बताया गया है। लद्दाख एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों की आवाजाही के दौरान आम यातायात को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जाना सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है।
जवानों ने नहीं खोया धैर्य
वीडियो में सुरक्षा बलों के जवान महिला की नाराजगी के बावजूद स्थिति को संभालते हुए दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने जवानों के व्यवहार और संयम की तारीफ की है। कई लोगों ने कहा कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करना हर पर्यटक और नागरिक की जिम्मेदारी है। उनका तर्क है कि किसी भी सुरक्षा जांच या बैरियर पर असहमति होने की स्थिति में भी जवानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी जताई आपत्ति
पूर्व सैन्य अधिकारियों की ओर से भी महिला की टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने कथित तौर पर कहा कि सेना के जवान भी टैक्स देते हैं और सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है। लेफ्टिनेंट कर्नल एन. थियागराजन ने भी सुरक्षा अभियान के दौरान सड़क बंद करने को सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा बताते हुए कहा कि टैक्स देने से किसी व्यक्ति को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने का अधिकार नहीं मिल जाता। सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने भी जवानों के समर्थन में प्रतिक्रियाएं दीं। उनका कहना है कि सुरक्षा बलों के बैरियर या चेकपॉइंट किसी को परेशान करने के लिए नहीं होते, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए जाते हैं।
उमर अब्दुल्ला ने भी दी प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिला के व्यवहार को कथित तौर पर ‘जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है’ वाली पुरानी मानसिकता का नया रूप बताया। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक तरफ कुछ लोग महिला के सवाल उठाने के अधिकार का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में यूजर्स संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा नियमों और जवानों के सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं।