विनोद कुशवाह, गुना: अपने सार्वजनिक और राजनैतिक जीवन में हमेशा राजसी और कडक़ अनुशासन में दिखने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्य प्रदेश के गुना दौरे के दौरान एक बेहद अनूठा और आत्मीय रूप देखने को मिला। आजीविका मिशन के तहत आयोजित महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में पहुंचे सिंधिया ने न केवल महिलाओं की हौसलाअफजाई की, बल्कि एक आम नागरिक की तरह उनके बीच बैठकर रसोई का काम भी हाथ में ले लिया।
रसोई में पहुंचे महाराज, महिलाओं संग बनाई पूडिय़ां
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया हरिपुर पंचायत क्षेत्र में पहुंचे, जहां महिला स्व-सहायता समूह की मदद से जीजी की पंचायत नामक एक सामुदायिक संस्था का संचालन किया जाता है। यहां के किचन (रसोई) का मुआयना करते हुए सिंधिया अचानक खुद को रोक नहीं पाए और वहां काम कर रही महिलाओं के बीच बैठ गए। इसके बाद उन्होंने अपने हाथ में बेलन थामा और खुद पूडिय़ां बेलने लगे। ग्वालियर राजपरिवार के मुखिया और क्षेत्र में महाराज के नाम से पुकारे जाने वाले सिंधिया का यह सादगी भरा अंदाज देख वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया। सिंधिया के 25 वर्षों के राजनैतिक सफर में आम जनता और समर्थकों ने ऐसा नजारा पहली बार देखा, जो अब देश और प्रदेश की राजनीति में भारी चर्चा का विषय बन गया है।
ड्रोन दीदी से किया संवाद
इस सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधी बात की। उन्होंने ज़मीनी स्तर पर काम कर रही चंदा बैरागी, सोना खान, मीनाक्षी, कामिनी शर्मा और क्षेत्र की प्रसिद्ध ‘ड्रोन दीदी’ किरण अहिरवार की संघर्ष और सफलता की कहानियां बेहद गंभीरता से सुनीं। महिलाओं की आत्मनिर्भरता को देखकर उन्होंने कहा कि जब देश की आधी आबादी आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा समाज और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है।
सांसद निधि से लोडिंग वाहन देने की बड़ी घोषणा
महिलाओं को व्यापारिक रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने मंच से एक बड़ा एलान किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के जिन स्वयं सहायता समूहों का वार्षिक कारोबार (टर्नओवर) 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक होगा, और जिन्हें अपने माल के परिवहन के लिए लोडिंग वाहन की जरूरत होगी, उन्हें सांसद निधि से वाहन उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि 2047 के विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव और शक्ति देश की यही आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वावलंबी नारी है।