राजस्थान: सड़क निर्माण के दौरान राजस्थान के झुंझुनू जिले में एक भीषण हादसे ने आठ परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में कंक्रीट तैयार करने के लिए लगाई गई रोड़ी मिक्सर मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलने से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में आठ श्रमिकों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र स्थित छापोली गांव में ग्रामीणों की ओर से जनसहयोग से सड़क बनवाई जा रही थी। यह निर्माण कार्य कदम कुंड मार्ग पर चल रहा था। सड़क बनाने के लिए मौके पर रोड़ी मिक्सर मशीन के जरिए कंक्रीट तैयार किया जा रहा था।
इसी दौरान मशीन का ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। बिजली के संपर्क में आते ही पूरी मशीन में करंट दौड़ गया। आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में मौके पर 5 मजदूरों की मौत, अस्पताल में 3 ने तोड़ा दम
हाईटेंशन करंट का असर इतना गंभीर था कि पांच मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, करंट से बुरी तरह झुलसे अन्य श्रमिकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान तीन और लोगों ने दम तोड़ दिया।
इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। वहीं पांच लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग के अनुसार, यह दुर्घटना छापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और आवश्यक राहत व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
एक ही परिवार के चार लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। हालेड़ा मंडावरा निवासी चार मजदूरों ने इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाई।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
हरिराम गुर्जर (30 वर्ष)
मंगलचंद गुर्जर (22 वर्ष)
कालूराम गुर्जर (29 वर्ष)
पवन गुर्जर (23 वर्ष)
इसके अलावा छापोली गांव के चार अन्य श्रमिकों की भी मौत हुई है। इनमें विष्णु सैनी (38 वर्ष), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30 वर्ष), मुकेश सैनी (27 वर्ष) और फतेहचंद सैनी (32 वर्ष शामिल हैं।
हादसे में पांच लोग झुलसे, अस्पताल में चल रहा इलाज
दुर्घटना में घायल हुए लोगों में छापोली निवासी महेंद्र सैनी, गीता देवी (45 वर्ष), संतरा देवी (35 वर्ष), गिदाराम सैनी (45 वर्ष) और मंजू देवी (38 वर्ष) शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन की ओर से उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया दुख, जांच के निर्देश
झुंझुनू में हुए इस हादसे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए और हादसे के पीछे की वजहों की विस्तृत जांच की जाए।
अशोक गहलोत ने उठाए लापरवाही पर सवाल
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सड़क निर्माण के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है। गहलोत ने राज्य सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिवारों को मिलेंगे 2 लाख रुपये
झुंझुनू हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की प्रधानमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) के माध्यम से आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
मृतकों के परिजनों को: 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति।
घायलों को: 50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति।
इस सहायता का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
छापोली गांव की यह दुर्घटना सड़क निर्माण जैसे सामान्य कामों में भी सुरक्षा मानकों के पालन की अहमियत को सामने लाती है। हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास भारी मशीनों का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी जरूरी होती है। फिलहाल इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और पांच घायल अस्पताल में भर्ती हैं। अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी किन परिस्थितियों के चलते यह भयावह दुर्घटना हुई।