खैरागढ़: वर्ष 2013 के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर कांग्रेस ने NIA कोर्ट के फैसले पर असंतोष जाहिर किया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कोमल साहू ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि कांग्रेस न्यायालय के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन पार्टी इस निर्णय से संतुष्ट नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झीरम घाटी हमले की जांच केवल कुछ आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके पीछे मौजूद पूरी साजिश और बड़े नक्सली नेतृत्व की भूमिका भी सामने आनी चाहिए। पार्टी ने कथित मुख्य साजिशकर्ताओं और बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की है।
बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने दावा किया कि झीरम घाटी हमले की जांच के दौरान रामन्ना समेत कई बड़े नक्सली नेताओं के नाम सामने आए थे। इसके बावजूद उनकी कथित भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कांग्रेस नेताओं का सवाल है कि यदि हमले के पीछे बड़े स्तर की साजिश थी, तो इसके मुख्य सूत्रधारों और नेतृत्व की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। पार्टी ने पूरे मामले की जांच को व्यापक दायरे में ले जाने की मांग की है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ की मांग
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि आत्मसमर्पण कर चुके कुछ नक्सलियों से मामले के संबंध में पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि ऐसे लोगों से विस्तृत पूछताछ कर झीरम घाटी हमले के कथित मुख्य सरगनाओं और पूरी साजिश तक पहुंचने की कोशिश की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निचले स्तर के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने वाले कथित प्रमुख लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होना जरूरी है।
32 लोगों की हुई थी मौत
कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ता में झीरम घाटी हमले की गंभीरता का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में हुए इस नक्सली हमले में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित 32 लोगों की जान गई थी। पार्टी का कहना है कि इतने बड़े हमले के पीछे की पूरी साजिश सामने आना पीड़ित परिवारों और प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने कहा कि वह NIA कोर्ट के फैसले को लेकर अपनी असहमति आगे भी उठाती रहेगी और मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी है।
सुप्रीम कोर्ट जाने की बात
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कोमल साहू ने कहा कि पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है, लेकिन मामले में सामने आए सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। कांग्रेस ने मांग की है कि झीरम घाटी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ताओं और बड़े नक्सली नेतृत्व की भूमिका की जांच की जाए।पत्रकार वार्ता में मिहिर झा, गुलाब चोपड़ा, सज्जाक खान, सुदीप श्रीवास्तव, पूरन सारथी, रवींद्र सिंह गहरवार, यशेश ठाकुर सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।