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रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला, बिना अनुमति LASIK सर्जरी कराई तो छिनेंगे नौकरी और वेतन के फायदे

रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला, बिना अनुमति LASIK सर्जरी कराई तो छिनेंगे नौकरी और वेतन के फायदे

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अगर कोई कर्मचारी रेलवे की मेडिकल अथॉरिटी की सलाह के बिना अपनी मर्जी से आंखों की LASIK सर्जरी कराता है और इसके बाद अपनी मौजूदा मेडिकल श्रेणी के लिए अयोग्य घोषित हो जाता है, तो उसे कई महत्वपूर्ण सेवा लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है।

रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है। इसके तहत बिना अधिकृत मेडिकल सलाह के LASIK सर्जरी कराने वाले कर्मचारियों को मेडिकल आधार पर अनफिट होने की स्थिति में मिलने वाली वैकल्पिक नौकरी और वेतन संबंधी विशेष सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को स्वयं के अनुरोध पर दूसरे पद या श्रेणी में स्थानांतरण लेने वाले कर्मचारियों के समान माना जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट को इस फैसले का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश का असर विशेष रूप से ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

मेडिकल अथॉरिटी की सलाह के बिना सर्जरी कराने पर रेलवे सख्त

रेलवे बोर्ड के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए थे, जिनमें कर्मचारी रेलवे की अधिकृत मेडिकल अथॉरिटी से सलाह लिए बिना अपनी इच्छा से LASIK सर्जरी करवा रहे थे। सर्जरी के बाद जब वे अपनी मौजूदा मेडिकल कैटेगरी के मानकों पर खरे नहीं उतरते थे, तब मेडिकल डिकैटेगराइजेशन के तहत दूसरी नौकरी और वेतन संरक्षण जैसी सुविधाओं की मांग करते थे।

रेलवे बोर्ड का मानना है कि इस तरह की स्थिति से कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और ट्रेन संचालन की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमों को स्पष्ट किया गया है, ताकि बिना निर्धारित प्रक्रिया के सर्जरी कराने के बाद विशेष सेवा लाभों का दावा न किया जा सके।

LASIK सर्जरी के बाद नहीं मिलेंगे ये 3 बड़े फायदे

रेलवे बोर्ड के नए आदेश के मुताबिक, मेडिकल अथॉरिटी की सलाह के बिना LASIK सर्जरी कराने और इसके कारण मौजूदा मेडिकल श्रेणी में अनफिट होने वाले कर्मचारियों पर IREM के पैरा 1311(1) के प्रावधान लागू होंगे। इसके तहत तीन प्रमुख सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

1. वैकल्पिक नौकरी का लाभ नहीं मिलेगा

मेडिकल आधार पर मौजूदा पद के लिए अयोग्य होने पर कर्मचारियों को दूसरी नौकरी देने की विशेष व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें अपनी इच्छा से पद या श्रेणी बदलने वाले कर्मचारियों के समान माना जाएगा।

2. वेतन संरक्षण की सुविधा खत्म

ऐसे कर्मचारियों को वैकल्पिक पद पर नियुक्ति के दौरान IREM के पैरा 1301 के तहत मिलने वाले वेतन संरक्षण और संबंधित सेवा लाभों का फायदा नहीं मिलेगा।

3. रनिंग अलाउंस का लाभ भी नहीं मिलेगा

ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह फैसला ज्यादा महत्वपूर्ण है। नए नियमों के तहत दूसरे पद पर वेतन निर्धारण करते समय IREM के पैरा 1307 के अंतर्गत रनिंग अलाउंस के तत्व को शामिल करने की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके साथ ही पैरा 1308 के तहत मिलने वाले संबंधित लाभ भी लागू नहीं होंगे।

खुद की मर्जी से ट्रांसफर लेने वाले कर्मचारियों की श्रेणी में होंगे शामिल

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना अधिकृत मेडिकल सलाह के LASIK सर्जरी कराने वाले और इसके कारण अपनी वर्तमान मेडिकल कैटेगरी में अनफिट होने वाले कर्मचारियों को स्वेच्छा से स्थानांतरण लेने वाले कर्मचारियों के समान माना जाएगा।

इसका मतलब है कि ऐसे कर्मचारियों को मेडिकल आधार पर श्रेणी बदलने के कारण मिलने वाली विशेष सुविधाएं नहीं दी जाएंगी। उनके मामलों में स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण से संबंधित मौजूदा नियम लागू होंगे।

पहले निपटाए गए मामलों पर नहीं होगा नए आदेश का असर

रेलवे बोर्ड ने पुराने मामलों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। आदेश के अनुसार, जिन मामलों में पहले ही निर्णय लिया जा चुका है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।

यानी पहले से निपटाए जा चुके मामलों की फिर से समीक्षा नहीं होगी। नए निर्देशों के तहत आगे आने वाले मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

देशभर के रेलवे कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश

रेलवे बोर्ड का यह निर्देश देश के सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट के लिए जारी किया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो ट्रेन संचालन और अन्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं।

रेलवे के इस फैसले से कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि आंखों की LASIK सर्जरी कराने से पहले रेलवे मेडिकल अथॉरिटी की सलाह और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बिना निर्धारित अनुमति के सर्जरी कराने पर मेडिकल अनफिट होने की स्थिति में मिलने वाले कई महत्वपूर्ण सेवा लाभ प्रभावित हो सकते हैं।


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