नए महीने नवंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो रहे हैं। इनका असर घरेलू बजट, हाईवे पर सफर, खरीदारी और मोबाइल इस्तेमाल करने के तरीके पर पड़ सकता है। केंद्र सरकार के विभागों, दूरसंचार विभाग और संबंधित कंपनियों की ओर से लागू की जा रही नई व्यवस्थाओं में एलपीजी की कीमतों से लेकर टोल भुगतान और कॉलर की पहचान तक कई अहम विषय शामिल हैं। इन बदलावों को जानना जरूरी है, ताकि आम उपभोक्ता समय रहते अपनी जरूरतों और खर्चों की योजना बना सकें। आइए जानते हैं 1 नवंबर से लागू होने वाले पांच बड़े बदलावों के बारे में।
LPG सिलेंडर और ATF की नई कीमतों पर नजर
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत नवंबर के लिए घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की नई दरें जारी की जा रही हैं। पिछले महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ था, जबकि घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
इस बार भी उपभोक्ताओं की निगाहें नई कीमतों पर हैं। इसके अलावा विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की दरों में होने वाले संशोधन पर भी एयरलाइंस और यात्रियों की नजर रहेगी। ATF की कीमतों में बदलाव का असर हवाई यात्रा की लागत पर पड़ सकता है।
अब अनजान नंबर से कॉल आने पर भी दिखेगा कॉलर का नाम
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए कॉलिंग सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। फर्जी कॉल, स्पैम और धोखाधड़ी से बचाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से CNAP यानी कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सिस्टम लागू करने की पहल की गई है।
इस तकनीक के जरिए जब किसी अनजान नंबर से कॉल आएगी, तो मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर ही नहीं, बल्कि संबंधित सिम कार्ड धारक का सत्यापित नाम भी दिखाई दे सकेगा।
इस सुविधा का उद्देश्य लोगों को कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में मदद देना है। इससे Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भरता भी कम हो सकती है। हालांकि, इस सुविधा की उपलब्धता टेलीकॉम ऑपरेटर और नेटवर्क पर इसके क्रियान्वयन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों को मिलेगा ₹1,500 का सालाना पास
राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित यात्रा करने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए टोल व्यवस्था में राहत देने वाला प्रावधान चर्चा में है। इसके तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-व्यावसायिक निजी वाहन मालिकों के लिए लोकल फास्टैग पास की व्यवस्था की जा रही है।
इस पास की सालाना कीमत 1,500 रुपये निर्धारित बताई गई है। इसका उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बार-बार टोल टैक्स देने के खर्च से राहत पहुंचाना है। यदि वाहन मालिक निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करते हैं, तो वे इस सुविधा का लाभ लेकर स्थानीय आवागमन को पहले की तुलना में अधिक किफायती बना सकेंगे।
₹1,000 से महंगी शराब खरीदने पर कैश से भुगतान नहीं
शराब की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से तमिलनाडु में भुगतान से संबंधित नया नियम लागू किया जा रहा है। राज्य के शराब बिक्री निगम TASMAC के निर्देशों के अनुसार, 1,000 रुपये से अधिक कीमत वाली शराब की बोतल खरीदने पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऐसी खरीदारी के लिए ग्राहकों को डिजिटल भुगतान का सहारा लेना होगा। इसके लिए UPI, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे विकल्प उपलब्ध रहेंगे। इस व्यवस्था का मकसद शराब की खुदरा बिक्री में लेन-देन का रिकॉर्ड बेहतर बनाना और नकद भुगतान पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, यह नियम तमिलनाडु की शराब बिक्री व्यवस्था से संबंधित है।
GST रिफंड से लेकर एक्सप्रेसवे पर वाहन प्रवेश तक नए नियम
नवंबर में टैक्स प्रक्रिया और सड़क यातायात से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू किए जा रहे हैं। GST रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाने, अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया कम करने और भुगतान में होने वाली देरी को घटाने के उद्देश्य से नए प्रावधान किए जा रहे हैं। वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर छोटे कमर्शियल और मालवाहक वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रतिबंध लागू किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। इसके अलावा दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विंटर एक्शन प्लान के तहत दूसरे राज्यों में पंजीकृत पुराने गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध जारी रहेगा। इससे वाहन चालकों को दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन के उत्सर्जन मानकों की जांच करना जरूरी होगा।
नवंबर के बदलावों का आम लोगों पर क्या होगा असर?
नवंबर से लागू हो रही इन व्यवस्थाओं का प्रभाव अलग-अलग वर्गों पर देखने को मिल सकता है। LPG और ATF की कीमतों में संशोधन से घरेलू बजट और विमानन क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
टोल पास से हाईवे के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, डिजिटल भुगतान और CNAP जैसी व्यवस्थाएं लेन-देन तथा मोबाइल सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं। इसलिए महीने की शुरुआत में इन नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।