ओरछा। बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली नगरी ओरछा में "गौ सम्मान आह्वान अभियान" के तहत सोमवार को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। राष्ट्रीय संत मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के संरक्षण में निकले इस अभियान ने गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने और गौ-हत्या के खिलाफ सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग बुलंद की है।
श्रीरामराजा मंदिर से तहसील तक गूंजे नारे
सुबह 9 बजे से ही नगर के गौ-भक्त, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे श्रीरामराजा मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला के पास जुटना शुरू हो गए थे। यहाँ से एक भव्य संकीर्तन रैली शुरू हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुँची। रैली में शामिल श्रद्धालु 'गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो' और 'गौ-हत्या बंद करो' जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे।
संत समाज ने संभाली कमान
अभियान का नेतृत्व कर रहे कनक भवन मंदिर के महंत अनिरुद्ध दास जी महाराज और बुंदेलखंड संत समाज के अध्यक्ष श्री त्रिलोकीरामदास जी महाराज ने तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
महंत अनिरुद्ध दास जी महाराज ने कहा:
गौ माता केवल हमारी आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे हमारी कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा देना भारतीय संस्कृति का सम्मान होगा।"
ज्ञापन की प्रमुख मांगें:
राष्ट्रमाता का दर्जा: गौ माता को अविलंब 'राष्ट्रमाता' घोषित किया जाए।
केंद्रीय कानून: पूरे देश में गौ संरक्षण के लिए एक समान और सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाए।
पूर्ण प्रतिबंध: गौ-हत्या पर देशभर में पूर्णतः प्रतिबंध लागू हो।
गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण: अवैध गतिविधियों पर रोक लगाकर गौशालाओं को सरकारी संरक्षण और मजबूती दी जाए।
प्रशासन का आश्वासन
तहसीलदार प्रतिनिधि ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए गौ-भक्तों और संतों को आश्वस्त किया कि उनकी भावनाओं और मांगों को प्राथमिकता के साथ उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुँचाया जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।