नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 अगस्त तक कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है।लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगह सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
पिथौरागढ़ में 70 मीटर लंबा वैली ब्रिज टूटा
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश के बाद धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने की घटना हुई। इसके चलते करीब 70 मीटर स्पैन वाला वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होकर गधेरे में समा गया। पुल टूटने के कारण चीन सीमा से सटे दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मचा हड़कंप
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के गुंड इलाके में बादल फटने की घटना सामने आई। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। वहीं पहलगाम में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हुआ और यन्नर-बटकूट मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने घाटी के लिए 23 अगस्त तक यलो अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
हिमाचल में कालका-शिमला रेल मार्ग प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं। कालका-शिमला रेलखंड पर गुम्मन और कोटी स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण रेल यातायात प्रभावित हुआ। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में बारिश का जोर
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 22 अगस्त के बीच जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली-NCR के साथ पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान
मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-21 और 23-24 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 से 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा में 21 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहले से बाढ़ प्रभावित ओडिशा में लगातार बारिश से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी, नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से पहाड़ी रास्तों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। नदी-नालों के बढ़े जलस्तर से दूरी बनाए रखना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना इस दौरान सबसे सुरक्षित विकल्प रहेगा।