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पेंशन भुगतान में देरी पर भड़के IGKV के सेवानिवृत्त प्रोफेसर, आज से आंदोलन का किया ऐलान

पेंशन भुगतान में देरी पर भड़के IGKV के सेवानिवृत्त प्रोफेसर, आज से आंदोलन का किया ऐलान

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने लंबित पेंशन प्रकरणों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने घोषणा की है कि 27 जुलाई से विश्वविद्यालय परिसर में क्रमिक और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संघ का कहना है कि लंबे समय से मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

40 के करीब पेंशन प्रकरण अब भी लंबित

संघ के अनुसार, अप्रैल 2024 से सेवानिवृत्त हुए करीब 38 से 40 प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों के पेंशन संबंधी प्रकरण अब तक लंबित हैं। इसके चलते न तो पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी किए गए हैं और न ही नियमित पेंशन, महंगाई राहत (DA Relief) तथा अन्य वित्तीय देयों का भुगतान हो पाया है।

कई बार गुहार के बावजूद नहीं निकला समाधान

सेवानिवृत्त शिक्षक संघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और लेखा नियंत्रक कार्यालय के समक्ष कई बार व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से आवेदन दिए गए, लेकिन हर बार प्रशासनिक और विभागीय आपत्तियों का हवाला देकर मामलों को लंबित रखा गया। इसके अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त और वित्त सचिव सहित कई सक्षम अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

'किसी पर विभागीय कार्रवाई लंबित नहीं'

संघ ने दावा किया कि जिन प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों के पेंशन प्रकरण लंबित हैं, उनके खिलाफ न तो कोई विभागीय जांच चल रही है और न ही कोई विजिलेंस या सेवा संबंधी विवाद लंबित है। इसके बावजूद पेंशन संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में क्रमिक शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र सेवानिवृत्त प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों के PPO जारी नहीं हो जाते और लंबित पेंशन, महंगाई राहत व अन्य वित्तीय देयों का भुगतान नहीं कर दिया जाता।


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