रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाने की मांग अब आंदोलन का रूप लेने जा रही है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने घोषणा की है कि 3 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के बस स्टैंडों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से यात्री किराए में कोई संशोधन नहीं हुआ है, जबकि डीजल-पेट्रोल, टायर, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। महासंघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 14 अगस्त तक किराया बढ़ाने पर फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे छत्तीसगढ़ में बस संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद करने पर विचार किया जाएगा।
सामान्य बसों में 75% और डीलक्स बसों में 30% किराया बढ़ाने की मांग
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सईद अनवर अली ने बताया कि सामान्य बसों के किराए में कुल 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष जारी अधिसूचना में सामान्य बसों के किराए में 25 प्रतिशत की कमी हो गई थी। अब उस कमी को समाप्त करने के साथ-साथ बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए अतिरिक्त 50 प्रतिशत वृद्धि की भी मांग की जा रही है।
3 अगस्त को सभी जिलों में होगा धरना-प्रदर्शन
महासंघ ने प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की जानकारी भी दे दी गई है। 3 अगस्त को राजधानी रायपुर के आईएसबीटी सहित सभी जिला मुख्यालयों के बस स्टैंडों पर बस संचालक धरना देकर सरकार के सामने अपनी मांग रखेंगे।
बस संचालकों ने गिनाई आर्थिक परेशानियां
महासंघ का कहना है कि वर्ष 2021 के बाद से यात्री किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इस दौरान डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई। नई बसों की कीमतों में इजाफा हुआ। टायर, इंश्योरेंस और स्पेयर पार्ट्स महंगे हुए। मरम्मत और मेंटेनेंस का खर्च काफी बढ़ गया। इन परिस्थितियों में पुराने किराए पर बस संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।
14 अगस्त तक सरकार को दिया अल्टीमेटम
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 14 अगस्त तक सरकार किराया वृद्धि पर निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन पूरे प्रदेश में बस संचालन बंद करने की तारीख घोषित करेगा। महासंघ का कहना है कि यदि हड़ताल होती है और आम जनता को परेशानी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।