धनतेरस का त्योहार नजदीक है और इस मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अगर आप भी इस धनतेरस पर गोल्ड खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सोने की कीमतों में आई गिरावट आपके लिए राहत की खबर हो सकती है। साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने के भाव में अच्छी-खासी नरमी आई है। अब जनवरी के मुकाबले समान रकम में ज्यादा सोना खरीदा जा सकता है।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी के आखिरी दिनों में 1 लाख रुपये में जहां करीब 5.7 ग्राम 24 कैरेट सोना मिलता था, वहीं मौजूदा कीमतों पर इतनी ही रकम में लगभग 7.1 ग्राम सोना खरीदा जा सकता है। यानी जनवरी के मुकाबले अब करीब 25 फीसदी ज्यादा सोना खरीदने का अवसर है। हालांकि, पिछले साल के धनतेरस से तुलना करें तो तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।
Gold Rate Today: कितने रुपये पर पहुंचा 24 कैरेट सोना?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,054 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जबकि 29 जनवरी 2026 को इसकी कीमत 1,75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर थी।
इस हिसाब से सोने की कीमत जनवरी के हाई लेवल से करीब 20 फीसदी नीचे आ चुकी है।
वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने के वायदा भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जनवरी में इसका उच्चतम स्तर 1,80,779 रुपये था। यानी वायदा बाजार में सोना अपने पीक से करीब 23 फीसदी सस्ता हो चुका है।
1 लाख रुपये में जनवरी और अब कितना मिलेगा सोना?
सोने की कीमतों में गिरावट का सीधा असर खरीदारी की क्षमता पर पड़ा है। जनवरी और मौजूदा भाव की तुलना करें तो समान निवेश पर अब ज्यादा मात्रा में गोल्ड खरीदा जा सकता है।
| तुलना | जनवरी 2026 | मौजूदा भाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | ₹1,75,340 | ₹1,40,054 |
| 1 लाख में सोना | करीब 5.7 ग्राम | करीब 7.1 ग्राम |
| कीमत में बदलाव | रिकॉर्ड हाई | करीब 20% कम |
इसका मतलब है कि जनवरी में जिस रकम से कम सोना मिलता था, अब उसी बजट में अधिक गोल्ड खरीदा जा सकता है। हालांकि, ये गणना बेंचमार्क कीमतों पर आधारित है। इसमें 3 फीसदी GST और ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।
पिछले धनतेरस से तुलना करें तो अब भी महंगा है सोना
सोने की कीमतें जनवरी के मुकाबले भले ही काफी नीचे आ गई हों, लेकिन पिछले साल के धनतेरस से तुलना करने पर तस्वीर बदल जाती है।
17 अक्टूबर 2025 को धनतेरस से पहले आखिरी कारोबारी दिन IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 1,29,584 रुपये प्रति 10 ग्राम था। उस समय 1 लाख रुपये में लगभग 7.7 ग्राम सोना खरीदा जा सकता था।
इसके मुकाबले मौजूदा कीमत करीब 8 फीसदी ज्यादा है। यानी पिछले साल धनतेरस पर सोना खरीदने वालों को आज के मुकाबले समान रकम में अधिक गोल्ड मिला था।
दूसरी ओर, जिन लोगों ने जनवरी 2026 में सोने के रिकॉर्ड हाई भाव पर निवेश किया था, उन्हें फिलहाल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उस समय 1 लाख रुपये का निवेश मौजूदा बेंचमार्क कीमत के आधार पर घटकर लगभग 79,900 रुपये रह गया है।
धनतेरस पर सोना खरीदें या अभी करें इंतजार?
सोने की कीमतों में आई गिरावट के बाद निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धनतेरस पर गोल्ड खरीदने का सही समय आ गया है या कीमतों में और गिरावट का इंतजार करना चाहिए?
बाजार के जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि, बाजार में अभी उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है। ऐसे में एक साथ बड़ी रकम निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
एक साथ निवेश करने के बजाय किश्तों में लगाएं पैसा
NDTV Profit की रिपोर्ट में इक्विट्रस्ट सॉल्यूशंस के संस्थापक शिवा ग्रोवर के हवाले से बताया गया है कि निवेशकों को सोने में पूरी रकम एक बार में लगाने से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने वालों के लिए मौजूदा गिरावट अवसर दे सकती है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर स्पष्टता आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ऐसे में निवेशक अपनी रकम को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग समय पर निवेश कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आपके पास सोने में निवेश के लिए 1 लाख रुपये हैं, तो पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय इसे 4 या 5 महीनों में बांटा जा सकता है। यदि अगले महीने कीमतें और गिरती हैं, तो उसी रकम में ज्यादा सोना खरीदने का मौका मिलेगा।
क्या है Rupee Cost Averaging?
किश्तों में निवेश करने की इस रणनीति को वित्तीय भाषा में रुपी कॉस्ट एवरेजिंग (Rupee Cost Averaging) कहा जाता है।
इस तरीके में निवेशक एक ही बार में पूरी रकम लगाने के बजाय नियमित अंतराल पर छोटी-छोटी रकम निवेश करता है। इससे अलग-अलग कीमतों पर खरीदारी होती है और समय के साथ औसत खरीद मूल्य तय होता है।
हालांकि, यह तरीका बाजार में नुकसान से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। सोने की कीमतों में आगे भी गिरावट या तेजी दोनों की संभावना बनी रहती है।
धनतेरस पर गोल्ड खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
केवल सोने के मौजूदा भाव को देखकर निवेश का फैसला न करें।
ज्वेलरी खरीदते समय 3 फीसदी GST और मेकिंग चार्ज का हिसाब जरूर लगाएं।
निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं तो गोल्ड ETF और डिजिटल विकल्पों की लागत और जोखिम भी समझें।
पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश पर विचार करें।
लंबी अवधि के निवेश और त्योहार पर आभूषण खरीदने के उद्देश्य को अलग-अलग रखें।