नई दिल्ली: देश के चार हाईकोर्ट में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में कुल 14 न्यायिक अधिकारियों को जज नियुक्त किया गया है। इनमें दिल्ली हाईकोर्ट के लिए सात नामों को मंजूरी दी गई है। यह नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद की गई हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में सात नई नियुक्तियां
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के लिए जिन सात न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है, उनमें निवेदिता अनिल शर्मा और निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज नियुक्त किया गया है। वहीं संजय शर्मा-I, भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज को अतिरिक्त जज बनाया गया है। इन नियुक्तियों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कार्यरत संख्या 44 से बढ़कर 51 होने की जानकारी दी गई है। हाईकोर्ट में जजों के कुल 60 स्वीकृत पद हैं।
गुरविंदर पाल सिंह के नाम पर अभी फैसला बाकी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्ति के लिए कुल आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। इस सूची में गुरविंदर पाल सिंह का नाम भी शामिल था। हालांकि, केंद्र की ओर से जारी नियुक्ति अधिसूचना में उनके नाम को मंजूरी नहीं दी गई है। गुरविंदर पाल सिंह वर्तमान में दिल्ली की जिला न्यायपालिका में कार्यरत हैं। उनके नाम को फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसे अस्वीकृत किए जाने के तौर पर नहीं बताया गया है।
चार हाईकोर्ट में ऐसे हुई नियुक्तियां
दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा झारखंड हाईकोर्ट में तीन, कर्नाटक हाईकोर्ट में तीन और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में एक न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इस तरह चार हाईकोर्ट में कुल 14 नियुक्तियां हुई हैं।
झारखंड हाईकोर्ट:
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा।
कर्नाटक हाईकोर्ट:
उषारानी, के.एस. भरत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी।
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट:
यश पॉल बॉर्नी।
इन नियुक्तियों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को की थी। कॉलेजियम ने चारों हाईकोर्ट के लिए कुल 15 नामों की सिफारिश की थी, जिनमें दिल्ली के आठ नाम शामिल थे। बाद में केंद्र सरकार ने दिल्ली के सात नामों को मंजूरी दी।
न्यायिक सेवा से हाईकोर्ट तक पहुंचे अधिकारी
इन नियुक्तियों में खास बात यह है कि संबंधित न्यायिक अधिकारियों का चयन जिला न्यायपालिका से हाईकोर्ट के लिए किया गया है। दिल्ली के लिए सुझाए गए अधिकारियों में अलग-अलग जिला अदालतों में वरिष्ठ न्यायिक पदों पर कार्य कर चुके अधिकारी शामिल हैं। वहीं अरुण भारद्वाज दिल्ली हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत रहे हैं और भरत पाराशर सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के पद पर हैं।
क्या सोमवार को होगी शपथ?
नियुक्तियों की अधिसूचना जारी होने के बाद नवनियुक्त जजों के शपथ ग्रहण की तैयारी की जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट में सात नए न्यायाधीशों के शामिल होने से लंबित मामलों के निस्तारण और न्यायिक कामकाज में अतिरिक्त न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी।