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अलीगंज अग्निकांड: 87 दिन की जांच के बाद पहुंचा कोर्ट, दाखिल हुआ 500 पन्नों से ज्यादा का आरोप पत्र

अलीगंज अग्निकांड: 87 दिन की जांच के बाद पहुंचा कोर्ट, दाखिल हुआ 500 पन्नों से ज्यादा का आरोप पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। करीब 87 दिन की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को नामजद किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोप पत्र

पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, रामकृष्ण उपाध्याय, तुषांक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों को घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था और अब उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश कर दिया गया है। मामले में सुरेंद्र शुक्ला अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उसके खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

15 लोगों की गई थी जान

22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित व्यावसायिक इमारत में आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण और अग्निशमन इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में भवन को मानकों के विपरीत निर्मित बताया गया था। रिपोर्टों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी, संकरा प्रवेश मार्ग और आवासीय भवन के व्यावसायिक इस्तेमाल जैसी खामियों का भी उल्लेख किया गया था।

आग से ज्यादा धुएं ने बढ़ाई मुश्किल

जांच में सामने आया कि हादसे के दौरान इमारत के भीतर धुआं तेजी से फैलने से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने और निकासी व्यवस्था से जुड़े सवालों ने हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस की जांच में घटना से जुड़े दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया है। हादसे के बाद गठित एसआईटी ने भी भवन स्वामी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए थे।

एसआईटी जांच के बाद पुलिस की कार्रवाई

हादसे के बाद शासन के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई थी। जांच में भवन की वैधता और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था समेत कई बिंदुओं की पड़ताल की गई। एलडीए, अग्निशमन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग की रिपोर्ट भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनीं। अब पुलिस की ओर से अदालत में 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने उसके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है।

हादसे के बाद अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई

अलीगंज अग्निकांड के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हुई। एलडीए ने आग से प्रभावित भवन के अलावा अन्य अवैध कॉम्प्लेक्सों के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार अलीगंज के नौ अवैध कॉम्प्लेक्सों को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है।

 


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