महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में वन मंत्री केदार कश्यप के साथ हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी की मौजूदगी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक नवीन कुमार, एसडीओ कमल तिवारी, परिक्षेत्र अधिकारी कोटमसर एवं कोलेंग सहित समस्त मैदानी कर्मचारियों और ईको-विकास समिति के सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया। स्थानीय ईको-विकास समिति द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसने क्षेत्र की समृद्ध आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
ग्रामीणों के साथ संवाद, पारंपरिक व्यंजनों का भी लिया स्वाद
कार्यक्रम के उपरांत वन मंत्री एवं हरिभूमि के प्रधान संपादक ने उद्यान क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण किया। स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। उसके बाद पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया और क्षेत्र में ईको-टूरिज्म एवं आजीविका संवर्धन की अपार संभावनाओं की सराहना की।
इस दौरान ईको-विकास समिति तीरथगढ़ एवं मांझीपाल को पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पैडल बोट प्रदान की गईं। इस पहल से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को नई दिशा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर उद्यान क्षेत्र की विभिन्न ईको-विकास समितियों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के साथ समन्वित विकास पर दिया बल
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को व्यापक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने संरक्षण एवं विकास के मध्य संतुलन स्थापित करते हुए प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर विशेष जोर दिया तथा आश्वस्त किया कि, राज्य शासन द्वारा क्षेत्र के समग्र विकास हेतु निरंतर सकारात्मक पहल की जाएगी। समुदाय की सक्रिय सहभागिता को संरक्षण की आधारशिला बताते हुए स्थानीय आजीविका संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ समन्वित विकास पर बल दिया।