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धान खरीदी अव्यवस्था के खिलाफ डोंगरगढ़ में किसानों का उग्र प्रदर्शन, तहसील कार्यालय के सामने धरना

धान खरीदी अव्यवस्था के खिलाफ डोंगरगढ़ में किसानों का उग्र प्रदर्शन, तहसील कार्यालय के सामने धरना

राजा शर्मा//डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में धान खरीदी को लेकर किसानों का आक्रोश शनिवार को सड़कों पर नजर आया। धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने, टोकन व्यवस्था की विफलता और मंडियों में फैली अव्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए भाजपा सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई। किसानों का कहना था कि मोदी की गारंटी अब केवल जुमला बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समर्थन मूल्य और रकबा बढ़ाने के वादे किए थे, लेकिन आज किसान अपना धान बेचने के लिए भी संघर्ष कर रहा है।

टोकन से मंडी तक हर जगह अव्यवस्था

डोंगरगढ़ विधानसभा और विकासखंड क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन कटवाने से लेकर धान मंडी तक हर चरण में दलालों को पैसे देने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय किसानों को ही दोषी ठहरा रही है।
किसानों ने कहा कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी देश का पेट भरते आए हैं, लेकिन ऐसी किसान-विरोधी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी।

खाद नहीं मिली, अब खरीदी रोकी जा रही

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि खेती के समय खाद उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में किसानों ने महंगे दाम पर खाद खरीदकर फसल तैयार की, लेकिन अब धान सत्यापन और रकबा समर्पण के नाम पर खरीदी रोकी जा रही है।
किसानों ने कहा कि वे न कीमत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और न ही उत्पादन बढ़ाने की, बल्कि सिर्फ अपना धान बेचने का अधिकार चाहते हैं।

विधायक हर्षिता स्वामी बघेल का सरकार पर हमला

डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने मंच और मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या, धान खरीदी की अव्यवस्था, बिजली बिलों का बोझ, बेरोजगारी भत्ता और रोजगार संकट—इन सभी की जिम्मेदारी मोदी सरकार की ट्रिपल इंजन सरकार की है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि समय पर खरीदी शुरू ही नहीं हुई। न टोकन समय पर कटे और न ही किसान अपनी उपज बेच पाए।

समर्थन मूल्य के वादे से मुकरने का आरोप

विधायक ने कहा कि भाजपा ने 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये समर्थन मूल्य का वादा किया था, लेकिन आज किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ शराब की शीशी बदलने में लगी है, जबकि किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

किसानों के खिलाफ साजिश का आरोप

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवाज खान ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सुनियोजित साजिश चल रही है। खेती के समय खाद नहीं दी गई, महंगे दाम पर खाद खरीदकर फसल उगाई गई और अब टोकन व रकबा समर्पण के नाम पर धान कम खरीदने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया जा रहा है और दूसरी ओर बिजली बिलों से किसानों की कमर तोड़ी जा रही है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था और सरकार की गारंटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की आवाज सुनकर व्यवस्था सुधारती है या फिर यह आंदोलन और तेज़ रूप लेता है।


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