जावेद खान, ग्वालियर: सीमा सुरक्षा बल BSF जैसी संवेदनशील सुरक्षा एजेंसी की भर्ती प्रक्रिया में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में दूसरे छात्र को बैठाकर पास होने वाला एक शातिर जालसाज युवक न केवल कॉन्स्टेबल बन गया, बल्कि उसने बेंगलुरु के हाई-सिक्योरिटी बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर में दाखिल होकर 12 दिनों तक देश की सीमा सुरक्षा की ट्रेनिंग भी ले ली।
दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड पूरी तरह से मिसमैच होने के बाद इस पूरे जालसाजी की कड़ियां खुली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर की बिजौली थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर पूरे गैंग की तलाश शुरू कर दी है।
एसएससी परीक्षा 2025 का पेंच
जानकारी के अनुसार मूल रूप से जबलपुर के मनमोहन नगर का रहने वाला आरोपी शिव सिंह सरकारी नौकरी पाने के लिए शॉर्टकट तलाश रहा था। उसने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित SSC कॉन्स्टेबल परीक्षा-2025 के लिए आवेदन किया था। इस फर्जीवाड़े की कड़ियां ग्वालियर से जुड़ी हैं। 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक डिजिटल परीक्षा केंद्र पर शिव सिंह की परीक्षा थी। आरोपी ने महज 50,000 में एक अज्ञात प्रोफेशनल सॉल्वर को हायर किया, जिसने शिव सिंह के नाम पर न केवल फर्जी तरीके से लिखित परीक्षा दी, बल्कि चालाकी से उसका मेडिकल टेस्ट भी क्लियर करवा दिया।
21 मार्च को ऐसे खुली पोल
चयन सूची में नाम आने और आधिकारिक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद आरोपी शिव सिंह के हौसले बुलंद थे। नियुक्ति आदेश के अनुपालन में आरोपी शिव सिंह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु स्थित बीएसएफ के आधिकारिक ट्रेनिंग सेंटर पहुंच गया। वहां बकायदा उसका दाखिला हुआ और उसने 12 दिनों तक ट्रेनिंग भी अटेंड की। खेल तब बिगड़ा जब 21 मार्च 2026 को अंतिम दस्तावेजों और थंब इंप्रेशन का मिलान शुरू हुआ। सिस्टम पर जब शिव सिंह के फिंगरप्रिंट लिए गए, तो वे परीक्षा केंद्र पर दर्ज हुए फिंगरप्रिंट से 100 प्रतिशत अलग पाए गए। बार-बार प्रयास के बाद भी जब सिस्टम ने डेटा रिजेक्ट कर दिया, तो अधिकारियों ने एसएससी आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीरों का विधिक माइक्रो-मैचिंग कराया, जिससे साफ हो गया कि परीक्षा किसी और ने दी थी।
पूछताछ में उगला राज
बीएसएफ द्वारा सख्ती से की गई पूछताछ में आरोपी शिव सिंह टूट गया और उसने 50 हजार में सॉल्वर बिठाने का जुर्म कबूल कर लिया। बीएसएफ प्रबंधन की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर के बिजौली थाना पुलिस ने आरोपी शिव सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और परीक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस कमिश्नरेट और साइबर सेल की टीमें अब उस अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग की कुंडली खंगाल रही हैं, जिसने सुरक्षा बलों की परीक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी सेंध लगाई।