होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Katni Video: कटनी में नशे की जब में बचपन!, मासूमों का शराब पीते वीडियो वायरल

Katni Video: कटनी में नशे की जब में बचपन!, मासूमों का शराब पीते वीडियो वायरल

Katni Video: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली सामाजिक और प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस और आबकारी विभाग की मुस्तैदी के तमाम दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। जिले के बरही थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम कोटेश्वर से सोमवार, 8 जून 2026 को एक ऐसा सनसनखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसे देखकर हर कोई दंग है। इस वीडियो में लगभग 10 साल के मासूम बच्चे खुलेआम शराब छलकाते और एक-दूसरे को जाम परोसते नजर आ रहे हैं।

जिस उम्र में इन नौनिहालों के कंधों पर स्कूल का बस्ता और हाथों में पेन-किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते उनके कोमल हाथों में शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास दिखाई दे रहे हैं। इस हृदयविदारक वीडियो के सामने आने के बाद से ही पूरे जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

तस्करों के निशाने पर मासूम

कोटेश्वर और उसके आसपास के ग्रामीण अंचलों से आ रही कड़ियां सीधे तौर पर आबकारी माफिया और पुलिस के गठजोड़ की ओर इशारा करती हैं। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों का कहना है कि गांव-गांव में संचालित अवैध पैकारियों, चौराहे की किराना दुकानों और अवैध रूप से चल रहे ढाबों पर बिना किसी कानूनी डर के 24 घंटे धड़ल्ले से देसी-विदेशी और कच्ची शराब बेची जा रही है। चंद रुपयों के मुनाफे और पुलिस की नजरों से बचने के लिए शातिर शराब तस्कर अब इन मासूम नाबालिग बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। आरोप है कि तस्कर इन बच्चों को न केवल नशे की लत लगा रहे हैं, बल्कि उनके जरिए ग्रामीण इलाकों में शराब की होम डिलीवरी भी करवा रहे हैं।

आबकारी विभाग की खुली कलई

इस वायरल वीडियो ने कटनी जिले में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और 'नशा मुक्ति अभियान' चलाने वाले बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी अमला समय-समय पर सिर्फ दिखावे और अपनी पीठ थपथपाने के लिए कुछ लीटर कच्ची या महुआ लहान नष्ट करने की कागजी कार्रवाई कर देता है। इलाके के लोगों का कहना है कि जो इस अवैध शराब के मुख्य सिंडिकेट और बड़े मगरमच्छ हैं, उन पर हाथ डालने से खाकी हमेशा कतराती रही है। यही वजह है कि आज कोटेश्वर गांव के बच्चे इस दलदल में धंस चुके हैं।

जांच के बाद एक्शन की तैयारी

वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने और न्यूज़ चैनलों की सुर्खियां बनने के बाद पुलिस के आला अधिकारी बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर जब अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विजयराघवगढ़, वीरेंद्र धार्वे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, कोटेश्वर गांव का एक वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। हमने बरही थाना पुलिस को वीडियो की सत्यता की जांच करने और उसमें दिखाई दे रहे बच्चों व उन्हें शराब मुहैया कराने वाले तत्वों की पहचान करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वीडियो वास्तविक पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम और आबकारी एक्ट के तहत ऐसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बने।


संबंधित समाचार