INH-हरिभूमि के जिला संवाद 2026 कार्यक्रम में प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने मंच पर मौजूद नेताओं से बिना लाग-लपेट के सीधे सवाल पूछे। यह सत्र बस्तर अंचल की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति को लेकर बेहद अहम रहा।
मंच पर बस्तर की राजनीति के प्रमुख चेहरे
इस विशेष सत्र में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, जगदलपुर के पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी और सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि राजा राम तड़ेम शामिल रहे।
जगदलपुर का विकास: दावे और सवाल
सांसद महेश कश्यप ने जगदलपुर को बस्तर संभाग का प्रमुख और तेजी से विकसित होता शहर बताया। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सामाजिक सद्भाव को सरकार की उपलब्धि बताया।
हालांकि, इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर, पार्किंग व्यवस्था, दलपत सागर में अतिक्रमण और शहर की टाउन प्लानिंग को लेकर तीखे सवाल भी उठे।
उड़ान योजना और हवाई कनेक्टिविटी पर बहस
कार्यक्रम का सबसे चर्चित मुद्दा रहा जगदलपुर–रायपुर फ्लाइट।
प्रधान संपादक ने सवाल किया कि जब केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय – तीनों जगह एक ही दल की सरकार है, तो फिर रायपुर के लिए नियमित उड़ान क्यों नहीं चल पा रही।
नेताओं की ओर से भरोसा दिलाया गया कि उड़ान योजना के तहत जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद की हवाई सेवा जल्द फिर से शुरू होगी और इस बार इसे स्थायी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
पूर्व महापौर जतिन जायसवाल ने डिमरापाल स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल शुरू होने के बावजूद आज भी बस्तर में हार्ट, न्यूरो और कैंसर जैसे गंभीर रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को रायपुर, विशाखापट्टनम या नागपुर रेफर किया जा रहा है।
कांग्रेस, भाजपा और आदिवासी समाज की भूमिका
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने स्वीकार किया कि कांग्रेस से भी राजनीतिक गलतियां हुईं, जिनका खामियाजा चुनावों में भुगतना पड़ा।
वहीं सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि राजा राम तड़ेम ने कहा कि बस्तर के वास्तविक विकास के लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति, शिक्षा व्यवस्था और पांचवीं अनुसूची के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे अधिक जरूरत है।
जिला संवाद का निष्कर्ष
जिला संवाद 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि बस्तर में संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचे तथा स्थायी कनेक्टिविटी के बिना विकास अधूरा है।
कार्यक्रम ने सत्ता और विपक्ष – दोनों को जनता के सवालों के सामने खड़ा किया।