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खाकी की अर्जी, बाबा की मर्जी: ASI के मन की बात जान गए धीरेंद्र शास्त्री 

खाकी की अर्जी, बाबा की मर्जी: ASI के मन की बात जान गए धीरेंद्र शास्त्री 

मनोज रजक, सतना : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार एक बार फिर अपनी "दिव्य शक्तियों" और भक्तों के साथ अनूठे संवाद के लिए चर्चा में है। इस बार मामला किसी आम नागरिक का नहीं, बल्कि कानून की सुरक्षा में तैनात एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी का है। सतना जिले के शिवराजपुर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई (ASI) के मन को न केवल पढ़ा, बल्कि हजारों की भीड़ के बीच से उन्हें मंच पर बुलाकर उनकी समस्या का समाधान भी बताया ।

मन में था संशय, मंच से आई आवाज

सतना के धारकुंडी थाने में पदस्थ एएसआई सुरेंद्र कुमार कथा पंडाल में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे। बाबा को भक्तों की अर्जियां सुनते देख सुरेंद्र कुमार के मन में एक कशमकश चल रही थी। उन्होंने सोचा— "बाबा तो सबकी सुनते हैं, लेकिन मैं तो ड्यूटी पर तैनात हूं। इतनी भारी भीड़ में बाबा तक पहुंचना लगभग असंभव है, क्या बाबा कभी मेरी भी पुकार सुनेंगे?"
हैरानी की बात तब हुई जब मंच पर विराजमान धीरेंद्र शास्त्री ने अचानक भीड़ की तरफ इशारा किया और सीधे एएसआई सुरेंद्र कुमार को पास बुला लिया।

"तुम यही सोच रहे थे ना?" बाबा के सवाल पर भावुक हुए एएसआई

जैसे ही सुरेंद्र कुमार मंच के पास पहुंचे, धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा, "तुम मन में यही सोच रहे थे न कि बाबा सबकी सुनते हैं, हम तो ड्यूटी पर हैं, क्या हमारी सुनेंगे?" यह सुनते ही पुलिसकर्मी हतप्रभ रह गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने माइक थामते हुए कहा, "महाराज जी, मुझे विश्वास तो पूरा था कि आप बुलाएंगे, लेकिन मन में संशय था। आपने आज मेरी आत्मा की आवाज सुन ली।"

पर्चे में खुला बेटी की बीमारी का राज

बिना किसी पूर्व जानकारी के, धीरेंद्र शास्त्री ने अपना दिव्य पर्चा पढ़ना शुरू किया। उन्होंने बताया कि एएसआई अपनी बेटी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। बाबा ने कहा:  "तुम बेटी का विषय लेकर आए हो। उसे 'फिट' (दौरे) की दिक्कत बनती है और झटके लगते हैं। अब तक ऐसा दो-तीन बार हुआ है। उसके ब्रेन में थोड़ी समस्या है, लेकिन बालाजी की कृपा से अब पूर्ण आराम लगेगा और यह दोबारा नहीं होगा।"
 
आस्था के साथ विज्ञान का भी सम्मान

अक्सर अंधविश्वास के आरोपों से घिरने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने यहाँ एक संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने एएसआई को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह बच्ची के लिए 'मंत्र चिकित्सा' और 'झाड़ा' तो करेंगे ही, लेकिन साथ ही डॉक्टरी इलाज (मेडिकल ट्रीटमेंट) जारी रखने की भी सख्त सलाह दी।

"एक-एक शब्द शत-प्रतिशत सच"

पर्चा सुनने के बाद एएसआई सुरेंद्र कुमार ने गदगद होकर कहा कि बाबा ने जो कुछ भी कहा, वह 100 प्रतिशत सत्य है। उन्होंने मंच से ही "बागेश्वर धाम की जय" के नारे लगाए, जिसके बाद पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। वर्दी में बाबा के दरबार में लगी यह अर्जी अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।


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