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खातेगांव शराब तस्करी कांड: 3 आबकारी कर्मचारी निलंबित, शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित

खातेगांव शराब तस्करी कांड: 3 आबकारी कर्मचारी निलंबित, शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित

भोपाल/हरदा। मध्य प्रदेश में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद आबकारी विभाग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा हरदा जिला प्रशासन ने टिमरनी क्षेत्र में संचालित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में अवैध शराब के परिवहन पर निगरानी रखने में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

आबकारी विभाग ने तीन कर्मचारियों पर की कार्रवाई

अवैध मदिरा के परिवहन और बिक्री पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी में लापरवाही पाए जाने के बाद आबकारी विभाग ने विभागीय कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त के निर्देश पर टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वघेल को निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ आबकारी आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग का मानना है कि अवैध शराब के परिवहन पर प्रभावी निगरानी नहीं रखे जाने के कारण गंभीर स्थिति बनी। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है।

टिमरनी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित

इस मामले में हरदा कलेक्टर ने भी कार्रवाई करते हुए लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आने वाली दुकानों में सोडलपुर रोड, टिमरनी स्थित शराब दुकान, रहटगांव स्थित मदिरा दुकान, हरदा रोड, टिमरनी स्थित शराब दुकान शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध शराब की सप्लाई और परिवहन से जुड़े संभावित नेटवर्क पर अंकुश लगाना है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब तस्करी के मामले में संबंधित दुकानों या उनके संचालन से जुड़े लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

अवैध शराब से भरे वाहन को रोकते समय गई थी थाना प्रभारी की जान

दरअसल, यह पूरा मामला 2 नवंबर की रात का है। देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा जिले के टिमरनी से एक आयशर वाहन में अवैध शराब भरकर गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने सांडलपुर फाटा के पास नर्मदा ढाबे के सामने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान आरोप है कि वाहन चालक ने थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी पर वाहन चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गया। हादसे में थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और अवैध शराब तस्करी से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी गई।

शराब तस्करी नेटवर्क की जांच तेज, जिम्मेदारी तय करने में जुटा प्रशासन

घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब से भरे वाहन को बरामद कर लिया। इसके साथ ही तस्करी से जुड़े आरोपियों और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी गई है। अब आबकारी विभाग की ओर से की गई निलंबन की कार्रवाई और जिला प्रशासन द्वारा तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस अवैध शराब की सप्लाई के स्रोत, परिवहन व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।
 


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