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Delhi Pollution Rules 2026: दिल्ली में 1 नवंबर से नए प्रतिबंध लागू, पुराने वाहनों की एंट्री बंद, 50% Work From Home अनिवार्य

Delhi Pollution Rules 2026: दिल्ली में 1 नवंबर से नए प्रतिबंध लागू, पुराने वाहनों की एंट्री बंद, 50% Work From Home अनिवार्य

नई दिल्ली। सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण और स्मॉग की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। राजधानी में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक कई नए प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इन नियमों का सीधा असर दिल्ली में रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों पर पड़ेगा।

सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में गैर-BS6 वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाने का प्रावधान किया गया है, जबकि बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और 'नो PUC, नो फ्यूल' जैसे कदम भी उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, नियमों को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए विशेष प्रवर्तन टीमें बनाई जाएंगी। ANPR कैमरों और AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के जरिए निगरानी रखी जाएगी। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।

1. दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक, BS6 होना जरूरी

प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS6 वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। इसका सबसे ज्यादा असर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोजाना दिल्ली आने वाले पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर पड़ सकता है।

अनुमान के मुताबिक, इस नियम से करीब 10 लाख पुराने वाहन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों के साथ एंबुलेंस तथा दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।

इसलिए दिल्ली आने की योजना बना रहे वाहन चालकों को अपने वाहन का उत्सर्जन मानक पहले ही जांच लेना चाहिए।

2. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर लगेगी रोक

सर्दियों में धूल और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक खुले में होने वाले सिविल निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

हालांकि, जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े कुछ कार्य निर्धारित शर्तों के तहत जारी रह सकेंगे। वहीं, धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करते हुए इमारतों के अंदर फिनिशिंग, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल संबंधी काम करने की अनुमति होगी।

3. सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में 50% Work From Home

दिल्ली में वाहनों की संख्या और ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित की गई है।

नए निर्देशों के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा। शेष कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है।

इस फैसले से दिल्ली में रोजाना ऑफिस जाने वाले हजारों कर्मचारियों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।

4. सरकारी दफ्तरों का समय बदला, पार्किंग शुल्क भी होगा दोगुना

ट्रैफिक और वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया है। नए टाइम टेबल के मुताबिक:

MCD कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक।

दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक।

इसके अलावा निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए अधिकृत सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की ओर से संचालित पार्किंग सुविधाओं को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है।

 

5. 'No PUC, No Fuel' नियम से बिना प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली में 1 नवंबर से 'No PUC, No Fuel' नीति भी लागू की गई है। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद ली जा रही है। कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करके उनके PUC स्टेटस की जांच करेंगे। प्रमाणपत्र अमान्य या एक्सपायर होने पर वाहन को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है।

 

वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?

दिल्ली-NCR में रहने और रोजाना राजधानी आने-जाने वाले लोगों को इन नियमों के अनुसार अपनी यात्रा और कामकाज की योजना बनानी होगी।

दिल्ली आने से पहले वाहन का BS-VI उत्सर्जन मानक जांच लें।

वाहन का PUC प्रमाणपत्र वैध रखें।

गैर-BS6 पेट्रोल-डीजल वाहन से दिल्ली आने से बचें।

ऑफिस जाने से पहले अपने संस्थान की वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था की जानकारी लें।

पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाएं।

ट्रैफिक और प्रतिबंधों से जुड़े अपडेट के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक जानकारी देखते रहें।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नागरिकों से प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, निजी वाहनों का दबाव घटाना और सर्दियों में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

दिल्ली के नए प्रदूषण नियम: कब तक रहेंगे लागू?

नियमअवधि
गैर-BS6 वाहनों की एंट्री पर रोक1 नवंबर–31 जनवरी
निर्माण और तोड़फोड़ पर धूल नियंत्रण प्रतिबंध1 नवंबर–31 जनवरी
पूर्ण निर्माण प्रतिबंध10 दिसंबर–20 जनवरी
50% Work From Home1 नवंबर से लागू
पार्किंग शुल्क दोगुना1 नवंबर–28 फरवरी
No PUC, No Fuelसालभर लागू

दिल्ली सरकार की विंटर पॉल्यूशन योजना का व्यापक समय 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक है।


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