नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से सुरक्षा कारणों से बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों को आखिरकार यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने घोषणा की है कि अब पूरे मेट्रो नेटवर्क पर सभी स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। इस फैसले के बाद रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले लाखों यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
चार दिनों तक 18 प्रमुख स्टेशनों पर था प्रतिबंध
हालिया प्रदर्शनों के मद्देनजर मध्य दिल्ली के 18 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गए थे। इन स्टेशनों पर ट्रेनें तो चल रही थीं, लेकिन यात्रियों को स्टेशन के अंदर प्रवेश करने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। केवल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध थी ताकि यात्री दूसरी लाइन में सफर जारी रख सकें। प्रतिबंधित स्टेशनों में राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, जनपथ, पटेल चौक, लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे।
रोजाना यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
स्टेशनों के बंद रहने से हजारों ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और अन्य यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को ऑटो, बस और टैक्सी जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी बढ़ गया। कई यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च दोनों झेलने पड़े।
DMRC ने दी सामान्य सेवाएं बहाल होने की जानकारी
डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सेवाएं सामान्य रूप से शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही पूरे नेटवर्क पर परिचालन पूरी तरह सामान्य हो गया है।
व्यस्त स्टेशनों पर फिर लौटी रौनक
स्टेशन खुलने के बाद राजीव चौक, नई दिल्ली, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों पर एक बार फिर यात्रियों की भीड़ दिखाई देने लगी। टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट और अन्य सेवाएं भी पहले की तरह संचालित होने लगी हैं।
सड़क यातायात पर भी पड़ेगा सकारात्मक असर
सुरक्षा प्रतिबंध हटने और मेट्रो सेवाएं सामान्य होने से अब राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। लाखों दैनिक यात्री अब बिना अतिरिक्त परेशानी के अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित होगी।