नया रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को उनका आमरण अनशन 81वें दिन में पहुंच गया। अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव के लिए दण्डवत प्रणाम करते हुए मार्च शुरू किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मौके पर मौजूद एसडीएम ने अभ्यर्थियों को समझाते हुए कहा कि वे पहले से ही बॉन्ड भरकर अनशन पर बैठे हैं, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि वे आगे मार्च करने की कोशिश करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इसके बावजूद अभ्यर्थी तपती धूप में भी जमीन पर दण्डवत करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे और सरकार से नियुक्ति की मांग दोहराते रहे।
24 दिसंबर से जारी है अनशन
डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक के 2300 पदों पर नियुक्ति दी जानी चाहिए। अभ्यर्थियों के अनुसार इस मामले में न्यायालय भी कई बार आदेश दे चुका है, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
कोर्ट के आदेश का हवाला
अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को तथा सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को आदेश दिया था कि 2621 बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों की जगह 2621 डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जाए। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण 1300 से अधिक पात्र अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग ने कॉमन मेरिट लिस्ट के आधार पर बिना दस्तावेजों के सत्यापन के ही 2621 पदों का स्कूल आवंटन कर दिया।
इस वजह से केवल 1299 पात्र अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल सकी, जबकि कई ऐसे लोगों को भी नौकरी मिल गई जो जरूरी योग्यता या प्रमाणपत्र की शर्तें पूरी नहीं करते थे।
सरकार से न्याय की उम्मीद
लगातार 81 दिनों से धरने पर बैठे डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की है कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सभी पात्र डीएड अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाए, ताकि लंबे समय से चल रहा यह आंदोलन समाप्त हो सके।