राजेश सोनी, डबरा : डबरा में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए संकेतक बोर्ड अब दिशा बताने की बजाय प्रचार-प्रसार का माध्यम बनते जा रहे हैं। शहर के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर लगे साइन बोर्ड बैनर और होर्डिंग से ढके हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे राहगीरों को सही दिशा की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
चौराहों पर लगे बोर्ड भी ढके
शहर के थाना वाला चौराहा, मैथिलीशरण गुप्त चौराहा, शुगर मिल क्षेत्र और भितरवार रोड सहित कई स्थानों पर लगाए गए संकेतक बोर्डों पर निजी संस्थानों और आयोजनों के बैनर टंगे हुए हैं। स्थिति यह है कि डबरा नगर पालिका कार्यालय के पास लगे दो संकेतक बोर्ड भी अक्सर बैनरों से ढके रहते हैं।
बिना अनुमति के लगाए जा रहे बैनर
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन संकेतक बोर्डों पर बैनर लगाने की अनुमति किसके द्वारा दी जाती है, यह साफ नहीं है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन की जानकारी के बिना यह हो रहा है या फिर नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस तरह के अवैध बैनर और होर्डिंग से नगर पालिका को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
हादसे के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बीते दो दिन पहले मैथिलीशरण गुप्त चौराहे पर एक निजी स्कूल का बैनर लगाते समय एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से संकेतक बोर्डों पर बैनर लगाने पर रोक को लेकर कोई ठोस कदम नही उठाया गया।
प्रशासन की चुप्पी, उठे सवाल
इतनी बड़ी घटना के बाद भी कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकेतक बोर्डों का उपयोग यात्रियों को दिशा बताने के लिए होना चाहिए, न कि प्रचार के लिए। लोगों ने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।