भोपाल : देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से जारी है। जगहे जगहे पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तो वही दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में झंडा फहराने को लेकर सियासत शुरू हो गई है। मंत्री विजय शाह द्वारा झंडा फहराने को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार के फैसले को संविधान का अपमान बताया है।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी अशोभनीय टिप्पणी
कांग्रेस का कहना है कि मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। जो की बेहद शर्मनाक है। देश की बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणी के बाद विजय शाह को गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय राष्ट्रीय पर्व पर मंच देना गलत संदेश देता है।
गणतंत्र दिवस पर सम्मानित स्थान देना पूरी तरह अनैतिक
सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने कहा कि जिस व्यक्ति पर देश की शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह के भीतर अभियोजन की स्वीकृति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है, क्या वह राष्ट्रीय पर्व पर मुख्य अतिथि बनने का अधिकार रखता है? मिश्रा के अनुसार, अदालत से फटकार खा चुके और गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित स्थान देना पूरी तरह अनैतिक है।
विजय शाह को पद छोड़ देना चाहिए
तो वही इस मामले पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, उसे गणतंत्र दिवस जैसे पावन अवसर पर ध्वज फहराने का 'पारितोषिक' देना बेहद आपत्तिजनक है। वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मंत्री विजय शाह को स्वयं पद छोड़ देना चाहिए था या सरकार को उनसे इस्तीफा ले लेना चाहिए था।
खंडवा में झंडा फहराएंगे विजय शाह
दरअसल, सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत मंत्री विजय शाह को गणतंत्र दिवस पर ध्वज फहराने के लिए मुख्य अतिथि बनाया गया है। पहले मंत्री जी रतलाम में झंडा फहराने वाले थे। लेकिन बाद में उन्हें अपने गृह जिले खंडवा की जिम्मेदारी सौप दी गई। इतना ही नहीं सरकार ने सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में शासकीय कार्यक्रमों के लिए अधिकृत किया है।