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कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर विवाद? सोनिया गांधी के इशारे पर BJP का तंज, जयराम रमेश ने दी सफाई

कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर विवाद? सोनिया गांधी के इशारे पर BJP का तंज, जयराम रमेश ने दी सफाई

नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के एक वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन पर आपत्ति जताई। इसको लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। हालांकि, कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के गायन को बीच में रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।

सोनिया गांधी के इशारे पर उठे सवाल

कार्यक्रम से सामने आए वीडियो में सोनिया गांधी को ‘वंदे मातरम’ के दौरान कुछ इशारा करते हुए देखा गया। उनके पास कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी खड़े नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जाने लगे। इसी दौरान राहुल गांधी भी कुछ इशारा करते दिखाई दिए। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि आखिर ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान ऐसा इशारा क्यों किया गया।

कांग्रेस ने बताया विवाद की वजह

कांग्रेस नेता और सांसद जयराम रमेश ने पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि इंदिरा भवन में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। जयराम रमेश के मुताबिक, सोनिया गांधी का इशारा राष्ट्रगीत को लेकर नहीं था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे और सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी लाने के लिए कह रही थीं।

शकील अहमद बोले- इस बार छह छंद गाए गए

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने भी विवाद को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में पहले से ‘वंदे मातरम’ के दो छंद गाए जाते रहे हैं। हालांकि, इस बार कार्यक्रम में छह छंदों का गायन किया गया। उन्होंने कांग्रेस और ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से ही पार्टी के कार्यक्रमों में इस राष्ट्रगीत का इस्तेमाल होता रहा है।

लाल किले पर भी हुआ पूरे ‘वंदे मातरम’ का गायन

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में भी ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन को प्रमुखता मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया। ‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है और राष्ट्रीय आयोजनों में लंबे समय से इसके चुनिंदा छंदों का गायन किया जाता रहा है।

‘वंदे मातरम’ को लेकर नए कानून की भी चर्चा

इस पूरे विवाद के बीच ‘वंदे मातरम’ को लेकर लागू कानूनी प्रावधान भी चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त 2026 में लागू किए गए संशोधित कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ को भी ‘जन गण मन’ की तरह कानूनी संरक्षण दिए जाने की बात कही गई है। कानून के तहत राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय माना गया है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन हुआ और इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।


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