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'सौरव को जानबूझकर क्यों परेशान किया जा रहा?' अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

'सौरव को जानबूझकर क्यों परेशान किया जा रहा?' अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने शुक्रवार, 14 अगस्त को सौरव दास के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सौरव दास जो काम कर रहे हैं, वह देश और खासकर लॉ स्टूडेंट्स के हित में है। दीपके के मुताबिक, सौरव के एक वीडियो के बाद बार काउंसिल के चेयरमैन ने अपना नोटिफिकेशन वापस ले लिया, जिससे कई कानून छात्रों का भविष्य प्रभावित होने से बच गया।

अभिजीत दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि सौरव दास और उनके परिवार को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली में एक यूट्यूबर के कथित तौर पर सौरव के घर में घुसने और पुडुचेरी में उनके परिवार से पुलिस की पूछताछ का मुद्दा भी उठाया।

'सौरव ने लॉ स्टूडेंट्स के लिए अच्छा काम किया'

अभिजीत दीपके ने सौरव दास का बचाव करते हुए कहा कि उनके प्रयासों की वजह से देशभर के लॉ छात्रों को राहत मिली। उनका दावा है कि सौरव के वीडियो के बाद बार काउंसिल के चेयरमैन ने तत्काल अपना नोटिफिकेशन वापस ले लिया। दीपके के मुताबिक, इससे उन छात्रों का भविष्य बच गया, जिनके करियर पर इस फैसले का असर पड़ सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि सौरव दास को जानबूझकर परेशान करने की कोशिश क्यों की जा रही है।

'परिवार और मां को इसमें शामिल करने की क्या जरूरत?'

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक यूट्यूबर कथित तौर पर सौरव दास के घर तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के काम या गतिविधियों को लेकर सवाल उठाने के लिए उसके परिवार को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने खास तौर पर सौरव की मां को कथित पूछताछ में शामिल किए जाने पर सवाल उठाया। दीपके ने कहा कि परिवार के सदस्यों को इस तरह के विवाद में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

पुडुचेरी पुलिस पर सौरव ने लगाए थे आरोप

यह विवाद उस समय और चर्चा में आया जब सौरव दास ने 12 अगस्त को आरोप लगाया था कि पुडुचेरी में उनके परिवार को पुलिस की ओर से डराया-धमकाया गया। हालांकि, पुडुचेरी पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की थी कि पुलिस सौरव दास के रिश्तेदारों के घर गई थी, लेकिन इसे नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया था।

पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण मौकों से पहले संवेदनशील और अहम मार्गों के आसपास रहने वाले लोगों के घर जाकर सुरक्षा से जुड़े सामान्य सवाल किए जाते हैं। अधिकारी ने किसी तरह की धमकी या उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया था।

स्कूलों की स्थिति पर भी बोले अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने देश की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश के कई बच्चे मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अगर देश को वास्तव में आगे बढ़ाना है तो बच्चों को बेहतर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के बिना देश की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।

सौरव दास के समर्थन में दीपके का बयान

अभिजीत दीपके के बयान के बाद सौरव दास से जुड़े विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का रूप ले लिया है। एक तरफ दीपके ने सौरव के काम को लॉ छात्रों के हित में बताया है, वहीं दूसरी ओर पुडुचेरी पुलिस ने परिवार को परेशान किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई को सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों को लेकर चर्चा जारी है।


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