जल संसाधन संभाग छुईखदान में काम करने वाले करीब 204 कोर्ट लेबर लंबे समय से मजदूरी भुगतान की समस्या का सामना कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि पिछले करीब चार महीनों से उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिली है। इससे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
चार महीने में किसी को 4 हजार, किसी को 10 हजार रुपये
मजदूरों के अनुसार जल संसाधन विभाग के माइनर में काम करने वाले श्रमिकों को चार महीने के दौरान करीब 4 हजार रुपये ही मिले हैं। वहीं केनाल में काम करने वाले मजदूरों को लगभग 10 हजार रुपये का भुगतान हुआ है।
मजदूरों का दावा है कि कुछ श्रमिकों को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। उनका कहना है कि नियमित काम करने के बावजूद मजदूरी के लिए उन्हें लगातार विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
बच्चों की फीस के लिए लेना पड़ा कर्ज
लंबित मजदूरी के कारण मजदूर परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। श्रमिकों ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस, यूनिफॉर्म और किताब-कॉपी जैसे खर्चों के लिए उन्हें ब्याज पर पैसे उधार लेने पड़े हैं।
इसके अलावा राशन, बिजली बिल और घर की दूसरी जरूरी जरूरतों का खर्च भी मजदूरों पर बना हुआ है। मजदूरों का कहना है कि रक्षाबंधन, तीजा और पोला जैसे त्योहार भी आर्थिक परेशानी के बीच बीते। अब नवरात्रि और दीपावली नजदीक होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
अधिकारियों से लगातार भुगतान की मांग
मजदूरों का कहना है कि वे कई बार संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से लंबित मजदूरी जारी करने की मांग कर चुके हैं। उन्हें हर बार राशि उपलब्ध होने के बाद भुगतान किए जाने की बात कही जाती है।
श्रमिकों का कहना है कि मेहनत से काम करने के बाद भी अपनी मजदूरी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जल्द से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है।
राशि मिलते ही भुगतान का दावा
जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता वी.के. मरकाम ने बताया कि कोर्ट लेबरों के भुगतान के लिए प्रशासन के साथ पत्राचार किया गया है। उनका कहना है कि राशि प्राप्त होते ही संबंधित मजदूरों को भुगतान कर दिया जाएगा।
204 मजदूरों के सामने आर्थिक परेशानी
जल संसाधन संभाग छुईखदान में प्रभावित बताए जा रहे करीब 204 मजदूरों के लिए समय पर मजदूरी मिलना परिवार की आर्थिक जरूरतों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल मजदूर लंबित भुगतान जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।