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चक्रवाती तूफान से 3 दिन बिगड़ेगा मौसम, धान समेत कई फसलों पर खतरा

चक्रवाती तूफान से 3 दिन बिगड़ेगा मौसम, धान समेत कई फसलों पर खतरा

CG Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ने की आशंका है। मौसम में बदलाव के चलते प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। खासकर बस्तर संभाग में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच बारिश और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका के कारण खेतों में तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फिलहाल कटाई के काम में सावधानी बरतने और काटकर रखी गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है।

CG Weather News: बस्तर में भारी बारिश की आशंका

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बादल छाने और कई क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बस्तर संभाग के जिलों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। इसके अलावा रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में भी भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।

बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से खेतों में खड़ी फसलों के गिरने और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और कृषि विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल को हो सकता है नुकसान

प्रदेश में इस समय कई इलाकों में धान की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बेमौसम बारिश किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण गिर सकती है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में खुले में रखी फसल भी भीगने से खराब हो सकती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यम और देर से पकने वाली धान की फसल के लिए हल्की बारिश नुकसानदायक नहीं भी हो सकती, लेकिन तेज बारिश होने पर बालियां गिरने और दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।

दलहन और तिलहन की फसलों के साथ सब्जियों पर भी मौसम के बदलाव का असर पड़ सकता है। अधिक नमी के कारण फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह: कटाई में बरतें सावधानी

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों ने संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जल्दी पकने वाली धान की फसल की कटाई कर रहे किसानों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए काम करने और काटी गई उपज को सुरक्षित रखने की जरूरत है।

किसानों के लिए प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं:

  • खेतों में कटाई के बाद रखी गई धान की फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • मौसम खराब होने की संभावना के दौरान कटाई का काम रोकने या स्थगित करने पर विचार करें।
  • खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करें।
  • सब्जियों और फलदार पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए जरूरी सहारा दें।
  • बारिश के दौरान कीटनाशकों और अन्य कृषि रसायनों का छिड़काव करने से बचें।
  • फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही उपचार करें।

विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए कुछ फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करना अधिक उपयुक्त हो सकता है। हालांकि, बुवाई का समय फसल, मिट्टी में नमी और स्थानीय मौसम के अनुसार तय करना चाहिए।

कृषि मंत्री ने विभागीय अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए

चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

इसका उद्देश्य मौसम में बदलाव के दौरान किसानों को जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए किसानों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

27 से 30 अक्टूबर तक कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम?

उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। दिनवार संभावित स्थिति इस प्रकार है:

27 अक्टूबर: बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

28 अक्टूबर: बस्तर और उससे लगे रायपुर तथा दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। इस दिन विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।

29 अक्टूबर: प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इसका असर बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।

30 अक्टूबर: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का असर जारी रह सकता है।

इस दौरान हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव संभव है। सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन को देखना जरूरी है।

अंबिकापुर में 12 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान

छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों मौसम शुष्क रहने के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रायपुर में रात का तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश में रात के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की दिशा में बदलाव के कारण न्यूनतम तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। तापमान में अधिक गिरावट नवंबर महीने में देखने को मिल सकती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और खुले में रखी उपज की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। विशेष रूप से धान की कटाई कर रहे किसान बारिश से पहले फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था करें।

इसके अलावा, तेज हवा के दौरान केले के पौधों, फलदार पेड़ों और बेल वाली सब्जियों को सहारा देना उपयोगी हो सकता है। खेतों में जलभराव रोकने और कृषि रसायनों का इस्तेमाल सही समय पर करने से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।


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