होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

527 क्विंटल चावल का हिसाब गायब! बेमेतरा में खाद्यान्न गबन मामले में 3 की गिरफ्तारी

527 क्विंटल चावल का हिसाब गायब! बेमेतरा में खाद्यान्न गबन मामले में 3 की गिरफ्तारी

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में खाद्यान्न की भारी कमी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत टेमरी स्थित राशन दुकान के स्टॉक की जांच में 527.83 क्विंटल चावल और 21.88 क्विंटल नमक कम पाया गया। खाद्यान्न की कमी से जुड़े इस मामले में नांदघाट पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आए खाद्यान्न का शासकीय मूल्य करीब 22 लाख 90 हजार रुपये बताया गया है।

जांच में 22.90 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, टेमरी गांव की शासकीय राशन दुकान में खाद्यान्न के भंडारण और रिकॉर्ड का मिलान किया गया था। इस दौरान चावल और नमक के स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में 527.83 क्विंटल चावल तथा 21.88 क्विंटल नमक की कमी दर्ज की गई। सरकारी खाद्यान्न के स्टॉक में इतनी बड़ी कमी मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद खाद्य निरीक्षक प्राची केशरवानी की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

राशन दुकान संचालक समूह के तीन सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में राशन दुकान का संचालन करने वाले समूह की अध्यक्ष पुष्पा साहू, सचिव नीरा बाई और सेल्समैन मनीष साहू को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में खाद्यान्न की कमी के कारणों और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर उठे सवाल

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सरकारी उचित मूल्य की दुकानों से पात्र हितग्राहियों को निर्धारित दरों पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाना और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। ऐसे में राशन दुकान के स्टॉक में बड़ी मात्रा में चावल और नमक की कमी सामने आने से खाद्यान्न के रखरखाव, वितरण और रिकॉर्ड की जांच का महत्व बढ़ गया है। इस तरह के मामलों में स्टॉक का नियमित सत्यापन और वितरण संबंधी दस्तावेजों का मिलान आवश्यक माना जाता है। फिलहाल, टेमरी राशन दुकान से जुड़े मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही खाद्यान्न की कमी से जुड़े सभी तथ्यों तथा जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। 


संबंधित समाचार