रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में वाहन मालिक समय पर अपनी गाड़ियों का बीमा (Insurance) रिन्यू नहीं करा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि राज्य में पंजीकृत करीब 95.75 लाख वाहनों में से 45 लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार, यह स्थिति केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में करीब 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के संचालित हो रहे हैं।
दोपहिया वाहन मालिक सबसे ज्यादा लापरवाह
आंकड़ों के अनुसार, जिन वाहनों का बीमा समय पर रिन्यू नहीं कराया गया है, उनमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। अधिकांश लोग वाहन खरीदते समय बीमा तो करा लेते हैं, लेकिन उसकी अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण कराना भूल जाते हैं या इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
केंद्र सरकार ने लागू किए सख्त नियम
बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने नई गाड़ियों के लिए बीमा व्यवस्था को और सख्त किया है। अब नई गाड़ी खरीदने पर चार वर्ष का बीमा पैकेज अनिवार्य किया गया है। इसमें पहले वर्ष का फर्स्ट पार्टी बीमा और अगले तीन वर्षों का थर्ड पार्टी बीमा शामिल होता है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान वाहन मालिकों और पीड़ितों दोनों को आर्थिक सुरक्षा देना है।
बिना बीमा वाहन चलाने पर क्या होगा?
यदि किसी वाहन का बीमा समाप्त हो चुका है और वह दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो वाहन मालिक को बीमा क्लेम का लाभ नहीं मिल पाता। वहीं, थर्ड पार्टी बीमा नहीं होने की स्थिति में दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति या मृतक के परिजनों को मिलने वाला मुआवजा भी वाहन मालिक को अपनी जेब से देना पड़ सकता है।
बीमा क्यों है जरूरी?
वाहन बीमा केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा भी है। दुर्घटना, चोरी, आग, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में बीमा कंपनी वाहन की क्षति के अनुसार मुआवजा देती है। यदि बीमा नहीं है, तो पूरा वित्तीय बोझ वाहन मालिक को उठाना पड़ता है। यही वजह है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत कम से कम थर्ड पार्टी बीमा हर वाहन के लिए अनिवार्य किया गया है।
नियम तोड़ने पर जुर्माना और सजा
बिना वैध बीमा के वाहन चलाना कानून का उल्लंघन है। पहली बार पकड़े जाने पर ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर ₹10,000 तक का जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दोपहिया वाहनों के मामलों में भी जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान मौजूद है।
टोल प्लाजा और एप से हो रही निगरानी
परिवहन विभाग अब तकनीक के जरिए बिना बीमा वाले वाहनों पर नजर रख रहा है। टोल प्लाजा पर गुजरने वाले चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों की बीमा स्थिति की जांच की जाती है। यदि बीमा समाप्त मिलता है तो संबंधित वाहन का ई-चालान जारी कर वाहन मालिक को सूचना भेज दी जाती है। शहरों में भी विशेष एप के माध्यम से वाहन का बीमा, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों की जानकारी तुरंत प्राप्त कर कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग की अपील
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे केवल कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय पर बीमा का नवीनीकरण कराएं। उनके अनुसार, फर्स्ट पार्टी और थर्ड पार्टी दोनों तरह का बीमा वाहन मालिकों के लिए लाभदायक है।
राज्य में पंजीकृत वाहनों की संख्या
दोपहिया वाहन: 74.80 लाख
तीनपहिया वाहन: 1.26 लाख
कार: 4.42 लाख
कमर्शियल वाहन: 6.15 लाख
अन्य वाहन: 5.13 लाख
कुल पंजीकृत वाहन: 95,75,343