रायपुर: राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में विकास, प्रशासनिक सुधार और निवेश को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी। बैठक में बिजली भुगतान व्यवस्था से लेकर उद्योग, कर प्रणाली, निजी विश्वविद्यालय, किरायेदारी कानून और नवा रायपुर की OTS योजना तक कुल 11 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और निवेशकों के साथ आम नागरिकों को भी लाभ मिलेगा।
बिजली भुगतान प्रणाली में होगा बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने केंद्रीय बिजली उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) लागू करने का निर्णय लिया। इससे बिजली भुगतान व्यवस्था अधिक सुरक्षित होगी और एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
बस्तर फाइटर्स के सेवा नियमों में संशोधन
बस्तर फाइटर्स के भर्ती एवं सेवा नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य विशेष बल की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सेवा शर्तों में बदलाव करना है।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए प्रावधान
कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कानून में संशोधन को स्वीकृति दी। नए प्रावधानों के तहत रक्षित निधि, बेहतर आधारभूत संरचना, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को अनिवार्य बनाया जाएगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
वैट अधिकरण समाप्त करने का निर्णय
जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वैट मामलों में कमी आने के कारण सरकार ने वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का फैसला लिया है। लंबित मामलों की सुनवाई अब राजस्व मंडल के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
जीएसटी कानून होगा और सरल
करदाताओं को राहत देने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य रिफंड प्रक्रिया को तेज करना, अनुपालन आसान बनाना और कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे निर्यातकों और उद्योगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
निवेश आकर्षित करने के लिए नया कदम
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून में संशोधन कर निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को मंजूरी दी गई। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
NRDA की OTS योजना को मिली मंजूरी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत पात्र आवंटियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी, जिससे लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण कानून में संशोधन लागू होगा
जल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े केंद्रीय संशोधन अधिनियम को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया। छोटे उल्लंघनों पर आपराधिक कार्रवाई के बजाय आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा, जिससे अनुपालन प्रक्रिया आसान होगी।
किरायेदारी कानून में सुधार
भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदारों के अधिकारों एवं दायित्वों को स्पष्ट किया जाएगा। साथ ही किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान और खाली मकानों को किराये पर उपलब्ध कराने की दिशा में नए प्रावधान लागू किए जाएंगे।
राजनांदगांव को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक सरकारी भूमि आवंटित करने का फैसला भी लिया। इस परियोजना से सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।