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धान खरीदी शुरू होने में बचे सिर्फ 10 दिन... 5 दिन पहले से कटेगा टोकन, खेतों में कटाई तेज

धान खरीदी शुरू होने में बचे सिर्फ 10 दिन... 5 दिन पहले से कटेगा टोकन, खेतों में कटाई तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। खरीदी की तारीख नजदीक आते ही किसान अपनी फसल की कटाई और बिक्री की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार किसानों के लिए टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से 'तुंहर टोकन' एप के जरिए धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP के जरिए सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा इस बार टोकन जारी करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब किसानों को मिलने वाले टोकन की संख्या उनके पंजीकृत कृषि रकबे के आधार पर तय होगी।

अब मोबाइल से घर बैठे कटेगा धान खरीदी का टोकन

धान बेचने के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए 'तुंहर टोकन' मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन की सुविधा दी है।

किसान अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर से यह एप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद जरूरी जानकारी दर्ज करके घर बैठे धान बिक्री का टोकन प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य टोकन वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाना और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ को कम करना है।

आधार OTP के बिना नहीं मिलेगा टोकन

ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में किसानों का आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। आवेदन के दौरान किसान के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा। OTP का सत्यापन पूरा होने के बाद ही टोकन के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

इस व्यवस्था से फर्जी पंजीयन और टोकन वितरण में होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान खरीदी शुरू होने से पहले यह जांच लें कि उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है या नहीं। मोबाइल नंबर बंद होने या लिंक नहीं होने की स्थिति में टोकन बनवाते समय परेशानी हो सकती है।

जमीन के रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन, जानें नया नियम

इस बार धान खरीदी में टोकन वितरण की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले किसानों को सामान्य रूप से तीन टोकन जारी किए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब टोकन की संख्या को उनके पंजीकृत कृषि रकबे से जोड़ दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से टोकन जारी किए जाएंगे।

कितनी जमीन पर कितने टोकन मिलेंगे?

2 एकड़ से कम जमीन: 1 टोकन

2 से 10 एकड़ तक जमीन: 2 टोकन

10 एकड़ से अधिक जमीन: अधिकतम 3 टोकन

यानी अब किसान के नाम पर पंजीकृत कृषि भूमि का रकबा ही यह तय करेगा कि उसे धान बेचने के लिए कितने टोकन मिल सकेंगे।

टोकन कटवाने से पहले किसान जरूर जांच लें ये जानकारी

नई व्यवस्था में पंजीकृत कृषि रकबे की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में किसानों को टोकन के लिए आवेदन करने से पहले अपने पंजीयन में दर्ज जमीन का विवरण जरूर जांच लेना चाहिए।

यदि किसान के वास्तविक कृषि रकबे और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के विवरण में अंतर है, तो टोकन की संख्या निर्धारित करने में परेशानी हो सकती है।

इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने भूमि संबंधी दस्तावेजों और पंजीकृत रकबे का मिलान पहले ही कर लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि धान खरीदी के लिए उनका पंजीयन सही और अपडेटेड हो।

ऐसे करें घर बैठे धान खरीदी के टोकन के लिए आवेदन

धान बिक्री का टोकन प्राप्त करने के लिए किसानों को 'तुंहर टोकन' एप का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

सबसे पहले मोबाइल में Google Play Store खोलें।

वहां 'तुंहर टोकन' एप सर्च करके डाउनलोड करें।

एप में मांगी गई किसान पंजीयन संबंधी जानकारी दर्ज करें।

आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन करें।

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान बिक्री के टोकन के लिए आवेदन करें।

टोकन जारी होने के बाद उसमें दी गई खरीदी की तारीख और अन्य जानकारी देखें।

इस बार ऑनलाइन टोकन और रकबे के आधार पर टोकन वितरण की नई व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। अब किसानों को अपने पंजीयन, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी पहले से दुरुस्त रखनी होगी, ताकि धान बेचने के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


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