रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका पहला प्रदेश दौरा होगा। इस दौरान वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की भी मौजूदगी रहेगी।
नितिन नबीन का यह दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों ही लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उनके आगमन को लेकर भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
CM साय के बुलावे पर छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे BJP अध्यक्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को प्रदेश में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद नितिन नबीन ने 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ आने की सहमति दी। वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। ऐसे में इस प्रवास को भाजपा के प्रदेश संगठन के साथ उनके संवाद और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी भी रहेंगी मौजूद
धरमजयगढ़ में होने वाले जनजातीय गौरव दिवस समारोह में नितिन नबीन के साथ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी शामिल होंगी। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को याद किया जाएगा।
15 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है जनजातीय गौरव दिवस?
देश में हर साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में उनकी जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान, संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना है।
अंग्रेजों के खिलाफ भगवान बिरसा मुंडा ने किया था उलगुलान
भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ आदिवासी समुदाय को संगठित किया था। उन्होंने जल, जंगल और जमीन पर जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया।
जनजातीय गौरव दिवस पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा सहित उन तमाम आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने देश की आजादी और जनजातीय अधिकारों के लिए संघर्ष किया।