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CBSE की गाइडलाइन जारी: स्कैन कॉपी के ₹300, री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न ₹100 शुल्क

CBSE की गाइडलाइन जारी: स्कैन कॉपी के ₹300, री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न ₹100 शुल्क

रायपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं सेकेंड बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित करने के बाद विद्यार्थियों के लिए उत्तरपुस्तिका से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब छात्र-छात्राएं मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने, अंकों का सत्यापन कराने और आवश्यकता पड़ने पर री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

बोर्ड ने सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

स्कैन कॉपी के लिए 5 से 9 अगस्त तक आवेदन

CBSE के अनुसार, विद्यार्थी 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 के बीच अपनी मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्कैन कॉपी प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया, यानी अंक सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन संभव होगा।

सत्यापन और री-इवैल्यूएशन की तिथि

अंकों के सत्यापन (Marks Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही किए जाने चाहिए।

जानिए कितना देना होगा शुल्क

CBSE ने प्रत्येक सेवा के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया है—

स्कैन कॉपी (प्रति विषय): ₹300
अंकों का सत्यापन (प्रति उत्तरपुस्तिका): ₹300
पुनर्मूल्यांकन (प्रति प्रश्न): ₹100

सभी शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी

बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। छात्र पहले स्कैन कॉपी प्राप्त करेंगे, उसके बाद यदि आवश्यकता महसूस होती है तो वे अंक सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान

CBSE ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें। निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे संबंधित सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा।

CBSE का मानना है कि यह व्यवस्था परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और विद्यार्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका देखने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


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