रतलाम : मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी और समाजसेवी तेजकुंवरबाई काश्यप का 11 अक्टूबर को मुंबई में लंबी अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। वे 83 वर्ष की थीं। उनके निधन से काश्यप परिवार सहित धार्मिक, सामाजिक और सेवा क्षेत्र में जहां शोक की लहर है। तो वही सोमवार 12 अक्तूबर 2026 को सुबह त्रिवेणी स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
21 वर्ष की उम्र में पति का निधन
तेजकुंवरबाई काश्यप ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं और अपने जीवन को धर्म, तपस्या और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अनेक कठिन धार्मिक तपस्याएं पूर्ण कीं और देश-विदेश के जैन तीर्थों की यात्राएं कीं।
आत्मनिर्भर बनाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई
समाजसेवा में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। अहिंसा ग्राम में जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न जनकल्याणकारी संस्थाओं से जुड़कर चिकित्सा और सेवा कार्यों में भी योगदान दिया।
पोते सिद्धार्थ ओर श्रवण कश्यप ने दी मुखाग्नि
अंतिम यात्रा में मंत्री निर्मला भूरिया के अलावा, भाजपा व कांग्रेस के स्थानीय नेता, समाज सेवी, बड़ी संख्या मे शामिल हुए। त्रिवेणी मुक्ति धाम पर बेटे चैतन्य कश्यप पोते सिद्धार्थ ओर श्रवण कश्यप ने माता तेज कुंवर बाई कश्यप को मुखाग्नि दी
मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप की माताजी तेज कुंवर बाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमती तेज कुंवर बाई ने काश्यप फाउंडेशन और अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर अनेक सेवा कार्यों को क्रियान्वित करवाया। उनकी सेवाएं याद रखी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहन करने की सामर्थ्य देने की प्रार्थना बाबा महाकाल से की है।