Pakistan Bus Accident: पाकिस्तान में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान की सीमा पर स्थित दाना सर इलाके में एक ओवरलोडेड यात्री बस गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में कम से कम 40 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
तेज रफ्तार के बीच चालक ने खोया नियंत्रण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस हाईवे पर तेज गति से चल रही थी। दाना सर क्षेत्र के पास चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।
ओवरलोडिंग बनी हादसे की बड़ी वजह
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि बस पहले से ही पूरी तरह भरी हुई थी। रास्ते में खराब हुई दूसरी बस के यात्रियों को भी इसी बस में बैठा लिया गया था, जिससे वाहन अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को लेकर चल रहा था। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
रेस्क्यू टीम ने कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और चिकित्सा सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए हैं।
पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे
पाकिस्तान में खराब सड़क व्यवस्था, यातायात नियमों की अनदेखी और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं अक्सर बड़े सड़क हादसों का कारण बनती हैं। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में ऐसी दुर्घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। गौरतलब है कि इसी वर्ष मई में उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक मिनीबस खड़ी बस से टकरा गई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत और 5 लोग घायल हुए थे। ताजा हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।